पचमढ़ी। सतपुड़ा की हरी-भरी वादियों और प्रसिद्ध नागद्वारी मेले में इन दिनों सुरक्षा के कड़े इंतजाम चर्चा का विषय बने हुए हैं। मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ के बीच वन्यप्राणियों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने एक अनूठा और सघन अभियान छेड़ रखा है।
जब ‘अपोलो’ ने संभाला मोर्चा
इस अभियान का सबसे बड़ा आकर्षण रहा डॉग स्क्वॉड का विशेष प्रशिक्षित श्वान ‘अपोलो’। बस स्टैंड से लेकर जटाशंकर, महादेव, जलगली, भजियागिरी और कजरी जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अपोलो की पैनी नजर ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। संदिग्ध ठिकानों, घुमक्कड़ जातियों के डेरों और फूल-माला की दुकानों तक पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया ताकि किसी भी असामाजिक गतिविधि या वन्यजीव अपराध के लिए कोई गुंजाइश न बचे।
पर्यावरण, वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोपरि
मेले की रौनक के बीच प्रकृति और वन्यजीवों को सुरक्षित रखना इस अभियान का मुख्य केंद्रबिन्दु है।
- कचरे पर पाबंदी: वन विभाग लगातार श्रद्धालुओं से अपील कर रहा है कि वे पवित्र वन क्षेत्र को प्लास्टिक और अन्य कचरे से मुक्त रखें। प्रकृति का सम्मान ही असली आस्था है।
- अवैध गतिविधियों पर शिकंजा: वन्यजीव अंगों या उनसे जुड़ी अवैध वस्तुओं के क्रय-विक्रय और परिवहन पर रोक लगाने के लिए दिन-रात चौकसी बरती जा रही है। इसके लिए एक मजबूत सूचना तंत्र भी सक्रिय किया गया है।
- जन-सहयोग की अपील: प्रशासन ने हर एक श्रद्धालु को पर्यावरण और वन्यजीव रक्षक बनने का संदेश दिया है, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग या पुलिस को देने का आग्रह किया है।
मजबूत नेतृत्व
यह दूरदर्शी और सख्त अभियान उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में परवान चढ़ रहा है। क्षेत्र संचालक श्रीमती राखी नंदा, उपसंचालक ऋषिभा नेताम, सहायक संचालक पचमढ़ी संजीव शर्मा और वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक कुमार तिवारी की कुशल रणनीति यह सुनिश्चित कर रही है कि आस्था का यह पर्व पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए पूरी तरह सुरक्षित रहे।











