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एशियाई चैंपियनशिप : भारत-जापान मैच में भारतीय टीम के प्रदर्शन पर सवाल, रैंकिंग में भी गिरावट

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  • अखिल दुबे, खेल समीक्षक
Asian Championship: Questions raised on Indian team's performance in India-Japan match, ranking also drops

हाल ही में संपन्न हुई एशियाई चैंपियनशिप में भारत और जापान के बीच हुए मुकाबले ने भारतीय हॉकी टीम के प्रदर्शन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मैच बिहार के राजगीर शहर में खेला गया, जो कभी अपनी गरीबी और अराजकता के लिए जाना जाता था, लेकिन आज दो बड़े अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों का सफल मेजबान बनकर सामने आया है।

मैच के दौरान, भारत की 7 वीं रैंकिंग और जापान की 22 वीं रैंकिंग को देखते हुए यह उम्मीद थी कि भारत एकतरफा जीत दर्ज करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, गोलकीपर सूरज करकेरा और पाठक ने पिछले मैचों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन टीम की फॉरवर्ड लाइन, जिसमें सुखजीत, अभिषेक और मनदीप जैसे खिलाड़ी शामिल हैं, पूरी तरह से थकी हुई और हताश दिखी।

फॉरवर्ड खिलाडिय़ों के इस कमजोर प्रदर्शन का सारा दबाव कप्तान पर आ गया, जिन्हें हर हाल में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करने की जिम्मेदारी उठानी पड़ी। विवेक सागर प्रसाद के पास अब तीसरी जिम्मेवारी भी आ गई, पेनॉल्टी कॉर्नर में मुख्य रशर की भी। टीम के सबसे प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों में से एक माने जाने वाले सुखजीत भी इस मैच में अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए। शिलानंद लकड़ा को ज्यादा खिलाना चाहिए था।

कोच क्रेग फुल्टन की रणनीति पर उठे सवाल

इस मैच में टीम के डिफेंसिव रवैये को लेकर कोच क्रेग फुल्टन की रणनीति भी रहस्यमय लग रही थी। टीम 2-1 या 3-2 से आगे होने के बावजूद डीप डिफेंस में खेलती नजर आई, जिससे जापान को लगातार वापसी का मौका मिला। ऐसा प्रतीत हुआ मानो भारतीय खिलाड़ी थके हुए और भ्रमित थे। टीम को शुरू से अंत तक हाई प्रेस खेलना चाहिए था और जोखिम उठाने से बचना नहीं चाहिए था। जोखिम तो अनिवार्य है चाहे जीवन हो या हॉकी। बेंच पर या तो अभिषेक का विकल्प नहीं है या फुल्टन अभिषेक को लेकर ज्यादा ही विश्वासी है।

बदली हुई रैंकिंग और भविष्य की चुनौतियां

इस खराब प्रदर्शन के कारण, भारतीय हॉकी टीम की रैंकिंग FIH प्रो लीग में 5 वें से गिरकर 7 वें स्थान पर आ गई है। खिलाडिय़ों की बॉडी लैंग्वेज में भी वह जोश और आक्रामकता नजर नहीं आई, जो 6 महीने पहले थी, जब टीम चौथे स्थान पर थी। यह बदलाव आश्चर्यजनक है और इसके कारणों पर गहन विचार-विमर्श की आवश्यकता है।

38 वर्षीय रोनाल्डो के फुटबॉल में लगातार शानदार प्रदर्शन का कर रहा है तो क्या टीम में अनुभवी गोलकीपर श्रीजेश की वापसी नहीं होनी चाहिए, जो टीम में एक नई ऊर्जा और गति ला सकते हैं। हालांकि, यही आशा की जानी चाहिए कि यही खिलाड़ी जल्द ही अपनी लय वापस पाएंगे और एक बार फिर से उल्लेखनीय प्रदर्शन करेंगे।

Rohit Nage

रोहित नागे वरिष्ठ पत्रकार एवं समाचार संपादक हैं, जिन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता में स्नातक किया है तथा लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। अपने पत्रकारिता जीवन में उन्होंने दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, राज एक्सप्रेस, पीपुल्स समाचार, नवभारत सहित अनेक प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में रिपोर्टर, उप-संपादक, ब्यूरो प्रमुख एवं न्यूज़ इंचार्ज के रूप में कार्य किया है। वे Narmadanchal.com के रिपोर्टर, उप-संपादक, एवं न्यूज़ इंचार्ज के रूप में कार्य कर रहे हैं और नर्मदांचल क्षेत्र की निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय समाचारों पर विशेष रूप से लेखन एवं संपादन कार्य कर रहे हैं।

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