इटारसी। सायबर पुलिस और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे तमाम जागरूकता कार्यक्रमों के बावजूद, शातिर जालसाज मासूम लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाने में कामयाब हो रहे हैं। ऐसा ही एक ताजा और सनसनीखेज मामला इटारसी के रॉयल सिटी से सामने आया है, जहां एक अज्ञात सायबर ठग ने मोबाइल पर एक खतरनाक एपीके फाइल भेजकर एक व्यक्ति के खाते से 1,32,000 पार कर दिए। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
रॉयल सिटी, इटारसी के रहने वाले 40 वर्षीय धनराज प्रसाद जोशी के मोबाइल पर अज्ञात सायबर अपराधियों ने संपर्क साधा। ठगों ने फरियादी के मोबाइल पर एक अज्ञात एपीके फाइल भेजी। जैसे ही फरियादी ने उस फाइल पर क्लिक किया, उनका फोन हैक हो गया। इसके बाद जालसाजों ने उनके बैंक खाते में सेंध लगाकर 1 लाख 32 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए।
इतनी जागरूकता के बाद भी क्यों फंस रहे हैं लोग?
आए दिन अखबारों, सोशल मीडिया और पुलिस विज्ञापनों के जरिए यह चेतावनी दी जाती है कि किसी भी अनजान लिंक या फाइल पर क्लिक न करें। इसके बावजूद लोग जल्दबाजी या अनजाने में इन जालसाजों के बिछाए जाल में फंस जाते हैं। सायबर ठग अक्सर लॉटरी, बिजली बिल अपडेट, पार्ट टाइम जॉब या कूरियर डिलीवरी के नाम पर ऐसी एपीके फाइलें भेजते हैं, जो डाउनलोड होते ही आपके फोन का पूरा एक्सेस चोरों के हाथ में सौंप देती हैं।
एक्सपर्ट एडवाइज : खुद को कैसे बचाएं?
अनजान एपीके फाइलें काल हैं : व्हाट्सएप या एसएमएस पर आई किसी भी ऐसी फाइल को इंस्टॉल न करें जिसके आखिर में .Apk लिखा हो।
सिर्फ ऑफिशियल स्टोर्स का उपयोग करें : कोई भी ऐप हमेशा Google Play Store” या ‘Apple App Store’ से ही डाउनलोड करें।
लालच से बचें : यदि कोई ऐप आपको मुफ्त पैसे या बंपर ऑफर का दावा करता है, तो वह 100 प्रतिशत फ्रॉड है।
सायबर हेल्पलाइन : यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए तत्काल 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि पैसे होल्ड किए जा सकें।
इटारसी पुलिस ने मामला दर्ज कर सायबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन और बैंक ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री खंगालना शुरू कर दिया है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सायबर क्राइम से बचने का एकमात्र अचूक हथियार आपकी खुद की सतर्कता ही है।












