बहुरंग: पत्रकार फोकट क्लास के नहीं हैं

बहुरंग: पत्रकार फोकट क्लास के नहीं हैं

और अंत में…

इटारसी में खुले मेडिकल कॉलेज

विनोद कुशवाहा

इन दिनों देश की राजनीति में भूचाल आया हुआ है । खेल भी इससे अछूता नहीं रह गया है।

भाजपा ने जहां उत्तराखंड, कर्नाटक और गुजरात में मुख्यमंत्री बदले तो कांग्रेस ने भी पंजाब से इसकी शुरुआत् कर दी है। कांग्रेस शासित राज्य छत्तीसगढ़ में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट चल ही रही है। राजस्थान में अशोक गहलोत को भी चुनाव के पहले हटाया जा सकता है। सचिन पायलट चुप बैठने वालों में से नहीं हैं। वे राजस्थान के नवजोत सिंह सिद्धू हो सकते हैं । इधर राजधानी के गलियारों में चर्चा है कि शिवराज सिंह चौहान की भी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। प्रदेश में हो रहे उप चुनावों के परिणाम उनका राजनीतिक भविष्य तय करेंगे।

काफी समय से आउट ऑफ फॉर्म चल रहे विराट कोहली के खिलाफ भी भारतीय क्रिकेट टीम में बगावत के स्वर तेज हो गए हैं। टीम के खिलाड़ियों से दूरी बनाकर चलने वाले विराट से अधिकांश खिलाड़ी नाराज बताए जाते हैं। महेन्द्र सिंह धोनी टीम के साथ जितने सहज थे विराट कोहली से मिलना उतना ही कठिन रहता है। उप कप्तान अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा, अश्विन ने तो क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से उनकी शिकायत भी की है। अपने विरूद्ध माहौल देखते हुए कोहली ने टी 20 की कप्तानी से खुद किनारा करने का निश्चय किया है लेकिन विराट टी 20 वर्ल्ड कप के बाद ही कप्तानी छोड़ेंगे। मतलब उसमें भी वे भारतीय टीम की दुर्दशा के लिए मौजूद रहेंगे। ऐसे में टी 20 वर्ल्ड कप में भारतीय क्रिकेट टीम का भगवान ही मालिक है। या हो सकता है बिल्ले के भाग से छींका फूट जाए। खैर।

अब बात पत्रकारों की जिन्हें केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने झारखंड में आयोजित एक कार्यक्रम में टोल टैक्स के संदर्भ में उंगली का इशारा करते हुए फोकट क्लास तक कह दिया। उनकी इस टिप्पणी से नाराज देश भर के पत्रकार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि इससे मंत्री का कुछ बिगड़ना नहीं है। न ही उनकी सेहत पर इसका कोई प्रभाव पड़ेगा। फिर भी नितिन गडकरी की इस टिप्पणी का विरोध तो होना चाहिए क्योंकि उनका संकेत केवल पत्रकारों तक सीमित नहीं था। उसमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, दिव्यांग, महिलायें तक शामिल थे। इसका अर्थ ये हुआ कि मंत्री के अनुसार उपरोक्त सभी फोकट क्लास हैं। जागिए होशंगाबाद जिले के पत्रकार बन्धु।

देश की लोकप्रिय बेव न्यूज़ ‘नर्मदांचल’ के बहुचर्चित स्तम्भ “बहुरंग” के माध्यम से मैं केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की इस टिप्पणी के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराता हूं ।

और अंत में …

इटारसी में खुले मेडिकल कॉलेज

होशंगाबाद जिले के इटारसी शहर में मेडिकल कॉलेज खोले जाने की मुहिम ठंडी पड़ती नजर आ रही है जबकि पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान में चार मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास किया । उन्होंने इस अवसर पर देश के सभी जिलों में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा के लिए एक कॉलेज या संस्थान की आवश्यकता पर जोर दिया । इस शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री ने राजस्थान के कांग्रेसी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जमकर तारीफ की । इसी को लोकतंत्र कहते हैं । यही हमारी ताकत भी है ।

हम भी प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जमकर तारीफ करेंगे यदि वे होशंगाबाद जिले के इटारसी शहर में मेडिकल कॉलेज खोले जाने की घोषणा करते हैं । हम तो ये भी चाहते हैं कि इस मेडिकल कॉलेज का भी शिलान्यास माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही करें।

विनोद कुशवाहा (Vinod Kushwaha)

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