आंधी का कहर, आंखों में भय के बीच गुजारी रात

आंधी का कहर, आंखों में भय के बीच गुजारी रात

इटारसी। रविवार की रात को फिर आंधी (storm) के साथ आसमान से आफत बरसी। मूसलाधार पानी बरसने से शहर के सभी निचले इलाके जलमग्न हो गये और लोगों के घरों में पानी भरने लगा। रात करीब डेढ़ बजे अचानक बिजली जाने और बारिश बंद होने के कारण पानी तो उतर गया, लेकिन लोगों ने सारी रात अंधेरे में गुजारी। रात 1 बजे गुल हुई बिजली सुबह 11 बजे के बाद से सुचारू होना प्रारंभ हुई। कुछ एरिया में पहले बिजली आयी और फिर जैसे-जैसे व्यवस्था सुधरती गयी, बिजली व्यवस्था बहाल हो गयी।
पुरानी इटारसी, पीपल मोहल्ला, श्मशानघाट सहित खेड़ा क्षेत्र के वेयर हाउस में आंधी ने कहर ढा दिया। कई जगह पेड़ गिरे, कुछ खंभे टूटकर गिरे तो कई तारों पर पेड़ और शाखाएं गिरने से तार टूटे और बिजली व्यवस्था ठप हो गयी। सोशल मीडिया (Social Media) पर लोगों ने बिजली से संबंधी कई सवाल पूछे तो एई टाउन डेलन पटेल (Delan Patel, AE town) ने स्पष्ट कर दिया कि कई जगह पेड़ गिरे, खंभे टूटकर गिरे हैं, काम किया जा रहा है, रातभर लाइट नहीं आएगी। इसके बाद भी कई लोग सवाल करते रहे।

पेड़ गिरे, खंभे टूटे, छत उड़ी

पुरानी इटारसी (Old Itarsi, Itarsi) क्षेत्र में सैंकड़ों दरख़्त की शाखाएं धराशायी हो गयीं, तो कई छोटे और कमजोर पेड़ पूरी तरह से जमींदोज हो गये। घरों पर पेड़ गिरे तो छत टूट गयी तो आधा सैंकड़ा के आसपास मकानों की छत बांधी उड़ा ले गयी। कई लोगों की छत के टीन अपने घरों से कई मीटर दूर मिले, जो पूरी तरह से टूट चुके थे। सुबह से लोगों ने अपने आशियानों को फिर से संवारना प्रारंभ कर दिया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डर के मारे सारी रात आंखों में गुजारी तो कई ने अपने घर की छतों की तलाश अंधरे में भी दूर तक जाकर की।

भय के बीच रात आंखों में गुजारी

पीपल मोहल्ला (Pipal Mohallah,Itarsi), गोलंदाज की चाल के समीप रहने वाली रहीशा बी का कहना था कि आंधी इतनी तेज थी कि घर की टीन की छत लोहे के पाइप सहित दूर उड़ गये। बारिश भी होती रही तो घर का सामान भी भीग गया। यहां रहने वाले दुर्गेश कैथवास, मुकेश कैथवास, शकुन बाई, गोपाल साहू, भगवान दास कुशवाह, बाबूलाल पिता प्यारेलाल , भैयालाल अहिरवार सहित अन्य दर्जनों लोगों के घर की छत उड़ी और बारिश में सामान खराब हो गया। इन सभी का कहना है कि उन्होंने भय के बीच रात आंखों-आंखों में गुजारी है। उसी तरह याज़ खान सुब्बी के घर की छत पंखे सहित उड़ी और बारिश में सामान खराब हो गया।

अधिकारियों ने किया दौरा

तेज बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आये। मेहरागांव (Mehragaon) से होकर गुजरने वाली पहाड़ी नदी रेलवे यार्ड रोड (Railway Yard) पर पुलिया के ऊपर से होकर गुजर रही थी। इसी नदी के कारण पिछली मर्तबा नदी मोहल्ला में बाढ़ आयी थी। एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी और टीआई रामस्नेही चौहान (SDM Madan Singh Raghuvanshi and TI Ramsnehi Chauhan) सुबह से पहले इस नदी पर पहुंचे फिर नदी मोहल्ला (Nadi Mohallah, Itarsi) का भी दौरा किया। हालांकि इस बार पानी थोड़ा कम गिरा था, तो पिछली बार की तरह बाढ़ का कारण नहीं बना। अलबत्ता पुरानी इटारसी, अवामनगर और आसपास कई क्षेत्रों में कई घरों में पानी अवश्य भर गया था।

सात खंभे, तीन जगह तार टूटे

तेज आंधी में बिगड़ी बिजली व्यवस्था मध्यप्रदेश मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (MPEB) के कर्मचारियों को सारी रात काम करके बहाल करनी पड़ी। कंपनी के एई टाउन डेलन पटेल (Delan Patel, AE town) ने बताया कि पांच खंभे एलटी लाइन के, एक 11 केवी और 1 खंभा 33 केवी (33KV Electricity line) का टूट गया है। इसके अलावा पीपल मोहल्ला में तीन स्थानों पर पेड़ गिरने से तार टूट गये थे। बारिश होने और पानी भरा होने के कारण कर्मचारियों को रात में व्यवस्था बहाल करने में काफी परेशानी आ रही थी। सुबह जब पानी उतरा तो तेजी से काम करके व्यवस्था बहाल की गई।

वेयर हाउस की छत उड़ी

औद्योगिक क्षेत्र खेड़ा (Industrial Area Kheda) में करीब तीन वेयर हाउस की छत तेज आंधी से टूट गयी। वेयर हाउस में रखा लाखों रुपए का अनाज भीगकर खराब हो गया। वेयर हाउस संचालक अनिल राठी (Anil Rathi) ने बताया कि वेयर हाउस में गेहूं, चना, मूंग रखी थी जो भीगकर खराब हो गयी। उनके दो वेयर हाउस के टीन शेड उड़ गये। कैलाश शर्मा के वेयर हाउस का टीन शेड भी उड़ा है। खेडा स्थित के के इंडस्ट्रीज का गोडाउन भी धराशाही हो गया।  

श्मशानघाट शांतिधाम (Shantidhaam Itarsi) में भी पेड़ गिरने से शेड क्षतिग्रस्त हुए, छत टूटने से पंखे भी नीचे गिरकर टूट गये हैं। समिति के सदस्य प्रमोद पगारे ने कहा कि लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।

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