इटारसी। भक्ति, आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम इन दिनों शहर की बंगाली कॉलोनी में देखने को मिला। रामनवमी के पावन उपलक्ष्य में आयोजित ’16 प्रहर अखंड श्री हरि नाम संकीर्तन’ का सोमवार को भव्य नगर कीर्तन और गुलाल की होली के साथ भावपूर्ण समापन हुआ। आयोजन के 35वें वर्ष में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
तीन दिनों तक गूंजता रहा महामंत्र
इस आध्यात्मिक अनुष्ठान की शुरुआत 27 मार्च को विशेष ‘अधिवास’ पूजन के साथ हुई थी। शनिवार, 28 मार्च की सुबह 6 बजे से अखंड हरिनाम संकीर्तन का शंखनाद हुआ, जो बिना रुके सोमवार सुबह 6 बजे तक अनवरत चलता रहा। 48 घंटों तक ‘हरे रामा… हरे कृष्णा…’ के महामंत्र से पूरी कॉलोनी गुंजायमान रही, जिससे वातावरण पूरी तरह सात्विक और दिव्य हो गया।
विभिन्न संप्रदायों की मधुर प्रस्तुतियां
बंगाली समाज आयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित इस संकीर्तन में दूर-दराज से आई प्रसिद्ध भजन मंडलियों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। मुख्य रूप से श्री राधा गोविन्द सम्प्रदाय आमडोह, श्री शिव सम्प्रदाय शिवसागर, श्री मध्यगौरिय सम्प्रदाय शांतिपुर, श्री विन्देदेवी सम्प्रदाय दुर्गापुर, श्री सत्यहरि सम्प्रदाय पहाड़पुर शामिल रहीं। इन मंडलियों के कलाकारों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर जब नृत्य करते हुए संकीर्तन किया, तो उपस्थित श्रद्धालु भी खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए।
नगर कीर्तन में उड़ा गुलाल, उत्सव जैसा रहा नजारा
सोमवार शाम 7 बजे से भव्य नगर कीर्तन निकाला। यह इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। कीर्तन मंडली के साथ चल रहे श्रद्धालु भक्ति में सराबोर होकर एक-दूसरे पर गुलाल उड़ा रहे थे। मानो पूरा शहर ब्रज की होली के रंग में रंग गया हो। मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर नगर कीर्तन का स्वागत किया गया।
महाप्रसाद का वितरण
संकीर्तन की पूर्णाहुति के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। समिति के सदस्यों ने बताया कि 35 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी नई पीढ़ी के सहयोग से पूरी श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है।










