पूर्णाहुति के साथ शतचंडी महायज्ञ का समापन, भंडारा हुआ

पूर्णाहुति के साथ शतचंडी महायज्ञ का समापन, भंडारा हुआ

इटारसी। मां भगवती के सिद्ध धाम श्री बूढ़ी माता मंदिर मालवीयगंज (Shri Budhi Mata Mandir Malviyaganj) में पिछले 47 सालों से लगातार जारी श्री शतचंडी महायज्ञ (Shri Shatchandi Mahayagya) का आज बुधवार को पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। आखिरी दिन यज्ञस्थल की परिक्रमा करने हजारों श्रृद्धालु मत्था टेकने माता के दरबार में पहुंचे।

आज श्री रविशंकर महाराज रावतपुरा सरकार (Shri Ravi Shankar Maharaj Rawatpura Sarkar) भी श्री बूढ़ी माता मंदिर में मां के दर्शन को पहुंचे थे। इस दौरान विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा (MLA Dr. Sitasaran Sharma), मंदिर समिति के सचिव जगदीश मालवीय (Jagdish Malviya), जसबीर सिंघ छाबड़ा (Jasbir Singh Chhabra), दीपक अठौत्रा (Deepak Athotra), पंकज चौरे (Pankaj Choure) सहित अनेक लोग भी मंदिर परिसर में थे।


उल्लेखीनीय है कि इस वर्ष कोरोना गाइड लाइन (Corona Guide Line) के कारण पांच दिन का श्री शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया था। श्री बूढ़ी माता मंदिर सेवा समिति द्वारा पूरी श्रृद्धा और आस्था के साथ पिछले पांच दिनों से महायज्ञ किया जा रहा था। अंतिम दिन कर्मकांडी ब्राह्मणों ने पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना पश्चात यज्ञकुंड में शुद्घ घृत से लगातार मंत्रोच्चार के साथ पूर्णाहुति अग्निदेव को समर्पित की। शाम को आरती पश्चात यहां सर्वप्रथम देवी स्वरूप कन्याओं को भोजन कराया और इसके बाद भंडारा प्रसादी वितरण शुरू हुआ। शाम तक हजारों श्रद्घालु शक्ति केन्द्र में दर्शन लाभ के लिए पहुंचे।


उल्लेखनीय है कि बंजारों की देवी के रूप में पिण्डी प्रतिष्ठित देवी के साथ ही मां दुर्गा की प्राचीन प्रतिमा मंदिर में विराजी है। हीरालाल पेंटर ने साल 1974 में भावसार बाबू, सुंदरलाल सैनी, हीर जी भाई पठारिया, भोजराज दुबे के सानिध्य में स्थापित कर यज्ञ परंपरा प्रारंभ की थी जो विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा के मार्गदर्शन में मंदिर समिति द्वारा आज भी जारी है।

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AUTHORRohit

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