ग्राम लोहारियाकलॉ में करंट से 8 मवेशियों की मौत

ग्राम लोहारियाकलॉ में करंट से 8 मवेशियों की मौत

– ग्रामीणों ने लगाया बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
– अधिकारी ने कहा, बंद की थी लाइन, किसी ने चालू कर ली
इटारसी। समीपस्थ ग्राम लोहारियाकलॉ में कांदई और लोहारियाकलॉ के बीच मेन रोड पर स्थित एक खेत में बिजली के तार की चपेट में आकर 8 मवेशियों की मौत हो गयी। बिजली का तार करीब एक सप्ताह पूर्व आयी आंधी से टूटकर गिरा था और ग्रामीणों ने तभी विभाग के जेईई को इसकी सूचना दे दी थी। लेकिन, विभागीय लापरवाही के कारण यह घटना हुई है। इधर विभाग के अधिकारी का कहना है कि उस दौरान सूचना मिलने पर लाइन बंद कर दी थी, वहां किसी ने धान के लिए ट्रांसफार्मर से लाइन चालू कर ली थी।
ग्राम लोहारिकलॉ के पूर्व सरपंच राजू बैस ने घटना के पीछे सीधे-सीधे बिजली विभाग को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि लापरवाही इतनी है कि आज भी घटना की सूचना देने के लिए कॉल किये तो अधिकारियों ने फोन काल रिसीव नहीं किये। करीब एक दस दिन पूर्व तेज आधी से बिजली के तार टूटकर खेत में गिरा था। उस वक्त भी खबर की थी, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और आज यह घटना हो गयी।

बच्चा बचा, मवेशी मरे

घटना आज सुबह करीब 8:41 मिनट की बतायी जा रही है। दो गाय रघुवीर सिंह, एक-एक भूरेलाल, कन्हैयालाल, जगत सिंह, भगवती व अन्य के हैं। बताया जाता है कि इस दौरान गांव के पप्पू नामक ग्रामीण का करीब पंद्रह वर्ष का बच्चा शिवासिंह खेत तरफ गाय लेने गया था, लेकिन दूर से ही ग्रामीणों ने देखकर उसे डांटकर वापस बुला लिया, अन्यथा उसके साथ भी घटना हो सकती थी।

ये भी कहा ग्रामीणों ने

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि आज सुबह घटना के वक्त गुर्रा सब स्टेशन के इंचार्ज, लाइनमेन और अन्य अधिकारियों को कॉल किये, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं किये। आखिरकार गुर्रा के एक व्यक्ति को कॉल करके घटना की जानकारी दी तो उसने सब स्टेशन पहुंचकर घटना बतायी, इसके बाद लाइन बंद की गई। ग्रामीणों ने कहा कि इस लापरवाही पर विभाग की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

इनका कहना है…
हमें सूचना मिल गयी है। जहां तक लापरवाही का सवाल है तो यह सच नहीं है। हमें स्टाफ ने जानकारी दी है कि उसी वक्त लाइन बंद कर दी गई थी और डीओ गिरा दिया था। किसी ने धान के रोपे लगाने ट्रांसफार्मर को चालू किया है। शिकायत नहीं सुनने की बात है तो यदि स्थानीय अधिकारी नहीं सुनते हैं तो उच्च अधिकारी को सूचना देनी चाहिए।
पूनम तुमराम, उपमहाप्रबंधक

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AUTHORRohit

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