रेल संस्थानों के चुनाव से पूर्व कर्मचारी संगठनों में चलाचली का माहौल

रेल संस्थानों के चुनाव से पूर्व कर्मचारी संगठनों में चलाचली का माहौल

अभी आगे भी इस तरह की आवक-जावक होने की संभावना है
इटारसी। मई माह में रेल संस्थानों (Railway Institutes) के चुनाव (Election) संभावित हैं और ऐसे में दो प्रमुख रेल संगठन पश्चिम मध्य रेलवे एम्पलाइज यूनियन (West Central Railway Employees Union) में वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ (West Central Railway Mazdoor Sangh) से चलाचली का माहौल है। कल संघ छोड़कर वरिष्ठ नेता केवल राम ने यूनियन (Union) का दामन थाम लिया था तो आज एक और बड़ा नाम यूनियन के झंडे के नीचे चला गया। यह बड़ा नाम है आरके यादव का, जो अपने करीब सत्तर साथियों के साथ यूनियन की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं। संघ को बड़ा झटका लगना स्वभाविक है। आनन-फानन में संघ के जोनल महामंत्री अशोक शर्मा को चौबीस घंटे के भीतर दूसरी बार इटारसी आना पड़ा और डेमेज कंट्रोल (Damage Control) करने मीडिया (Media) को बुलाकर सफाई देनी पड़ी कि आरके यादव जैसा बड़ा नाम संघ छोड़कर क्यों गया? आज वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के पदाधिकारियों के बीच सामंजस्य स्थापित नहीं होने के कारण संघ के मंडल सचिव ने एक कई साथियों के साथ वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन का दामन थाम लिया। युनियन के पदाधिकारियों ने उनका जोरदार स्वागत किया तो वहीं वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के महामंत्री ने मंडल सचिव की बगावत पर उनके उपर लाखों की राशि के गबन का आरोप पत्रकार वार्ता के माध्यम से लगाया है। हालांकि जब तक यादव संघ में थे, उन पर कोई आरोप नहीं लगे, उनके संघ छोड़ते ही भ्रष्टाचार के आरोप लगाने अशोक शर्मा इटारसी आ गये।

आरके यादव ने सीएलआई अभिमन्यू सिंह, केशव कुशवाहा, वकील सिंह, रामस्वरूप मेहतो और शक्ति शरण प्रजापति के साथ तकरीबन 70 कार्यकर्ताओं के साथ लाल झंडा यूनियन की सदस्यता ग्रहण की। उन्हें यूनियन के मंडल अध्यक्ष टीके गौतम और मंडल सचिव फिलिप ओमन ने यूनियन की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर वेस्ट सेंट्रल रेलवे एंपलाईज युनियन के मंडल कार्यकारी अध्यक्ष केके शुक्ला एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। संघ छोड़कर आए पदाधिकारी और सदस्यों का यूनियन में शामिल होने पर जोरदार स्वागत किया। श्री यादव नेे कहा कि वह विगत 35 वर्षों से संघ में रहे और कर्मचारियों के हितों की रक्षा की है। विगत कुछ समय से संगठन की विचारधारा गलत दिशा में जाने के कारण कर्मचारियों के लिए काम नहीं कर पा रहे थे। संघ में रहकर विचारधारा और संगठन के मूल्य उद्वेश्य से भटक रहे थे। पद और प्रतिष्ठा से अधिक लोगों के हितों में काम करना मुख्य उद्देश्य है।

संघ से गये नेताओं पर लगाया गबन का आरोप

सोमवार को जब मंडल सचिव आरके यादव सहित अन्य कार्यकर्ताओं की बगावत की बात जोनल महामंत्री अशोक शर्मा के सामने आई तो उन्होंने भोपाल से इटारसी पहुंचकर आनन-फानन में बैठक की। उनके साथ मंडल अध्यक्ष राजेश पाण्डे भी मौजूद रहे। यूनियन की पत्रकार वार्ता की जानकारी सामने आने पर संघ ने भी आनन फानन में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। पत्रकारवार्ता में जोनल महामंत्री अशोक शर्मा ने कहा कि वह आरके यादव और अन्य कार्यकर्ताओं के आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन वह नहीं आए, उन्होंने यूनियन की सदस्यता ग्रहण कर ली इसकी जानकारी उन्हें मीडिया से ही प्राप्त हुई है। महामंत्री शर्मा ने यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि मंडल सचिव के पद पर रहकर यादव ने रेलकर्मचारियों के पैसों का दुरूपयोग किया है। जो राशि कर्मचारियों के हितों में खर्च होनी चाहिए उक्त राशि का उन्होंने गबन किया है। इसके अलावा रनिंग रूम का इंचार्ज बनकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। संघ द्वारा जब तकरीबन दस लाख की राशि के गबन को लेकर उनसे जानकारी मांगी गई तो वह जांच के भय से यूनियन में शामिल हो गए। संघ द्वारा इटारसी के उक्त खाते को सीज करा दिया है। इस अवसर पर संघ कार्यालय में संघ के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

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AUTHORRohit

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