केसला के गांवों में गहराया पेयजल संकट, स्कूलों से मिलेगा पानी

केसला के गांवों में गहराया पेयजल संकट, स्कूलों से मिलेगा पानी

रितेश राठौर,केसला। केसला विकासखंड (Kesla Block) के अंतर्गत ग्रामीणांचलों में भीषण जलसंकट गहरा गया है। ग्रामीण पीने के पानी के लिए परेशान हैं। इसी बीच विकासखंड शिक्षाधिकारी श्रीमती आशा मौर्य (Block Education Officer Smt. Asha Maurya) ने विकासखंड के प्राचार्य शाउमा विद्यालय, हाईस्कूल सभी प्रधान पाठक, शासकीय माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला केसला को निर्देशित किया है कि भीषण गर्मी के कारण पेयजल की समस्या ग्रामीणांचलों में उत्पन्न हो रही है। शासकीय संस्थाओं के परिसर में हैंडपंप (Handpump) स्थित हैं। जिन ग्रामों में पानी की समस्या है, उन शालाओं के परिसर में मुख्य द्वार पर ताला नहीं लगाया जाये जिससे ग्रामीणों को स्कूलों में लगे हैंडपंप से पानी लेने में कोई परेशानी नहीं उठानी पड़े।
आदिवासी विकासखंड केसला की ग्राम पंचायत झुनकर के टोला गोमंतीपुरा में गंभीर जलसंकट गहराया है। यहां के आंगनबाड़ी केंद्र एवं प्राथमिक शाला में दो हैंडपंप हैं जिसमें सिंगल फेज की मोटर लगी है लेकिन मोटर खराब होने के डर से शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीणों को पानी भरने नहीं देते हैं जिससे ग्रामीण परेशान हैं। गोमंतीपुरा गांव में भी हैंडपंप में लगी मोटर खराब है।
पीएचई (PHE) के अधिकारियों के अनुसार केसला विकासखंड में भीषणगर्मी के कारण विगत तीन सप्ताह में लगभग 25 फीट जलस्तर नीचे जा चुका है। इस कारण यहां पानी के हालात खराब है। आसपास नहरें नहीं होने से गर्मियों में यहां भूमिगज जल सूख जाता है। जांच पड़ताल में पता चला है कि ग्राम पंचायत के प्राथमिक स्कूल एवं आंगनबाड़ी में दो हैंडपंप है जिनमें सिंगल फेज (Single Phase) की मोटर है लेकिन परिसर में ताला होने के कारण ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पाता है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत केसला का ध्यान जब केसला विकासखंड के ग्रामीणांचलों में पानी की समस्या की ओर आकर्षित किया तब उन्हें याद आया और उन्होंने आगामी कुछ दिनों में बोरबेल खनन करने का आश्वासन दिया। गांव के लिए नलजल योजना प्रस्तावित है इसका काम शीघ्र शुरू कराया जायेगा। वर्तमान में गोमतीपुरा के ग्रामीण सूखी नदी से पानी ले रहे हैं।
कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यात्रिकी विभाग ने कहा कि पंचायत के स्कूल और आंगनबाड़ी के दो-दो हैंडपंप पर मोटर लगी है। मशीन जलने के भय से ग्रामीणों को पानी नहीं दिया जा रहा है। हमने निर्देश दिये हे कि ग्रामीणों को यहां से भरपूर पानी दिया जाये। समस्या आयेगी तो उसे ठीक कराया जायेगा।



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AUTHORRohit

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