अनाज के 13 हजार दानों से लिखा परमाणु शक्तियों को खत

अनाज के 13 हजार दानों से लिखा परमाणु शक्तियों को खत

इटारसी। अक्सर कुछ अलग करने वाले ग्राम सुपरली (Village Superly) के किसान (Farmers) योगेन्द्र सिंह सोलंकी ने अब परमाणु शक्तियों (Nuclear Powers) के नाम अनाज के 13 हजार दानों से खत लिखकर परमाणु युद्ध (Nuclear War) के खतरों को टालकर मानवता को बचाने की अपील की है।
श्री सोलंकी का कहना है कि दुनिया में परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ता ही जा रहा है, परमाणु शक्तियों के पास 13 हजार परमाणु बम हैं। उन्होंने दुनिया के लिए परमाणु युद्ध के खतरे को टालने के लिए अनाज के 13 हजार दानों से परमाणु शक्तियों को खत लिखा है। यह खत संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations) के कार्यालय जिनेवा (Geneva) में भेजा जा रहा है, साथ ही विश्व के मीडिया (Media of the World) में भी प्रकाशित कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसे गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड (Guinness Book of World Records) को भी प्रेषित किया जाएगा। पत्र में अनाज के छोटे-छोटे दानों से परमाणु शक्तियों को चुनौती दी गई है कि तुम हजारी प्रवृत्ति का एक दाना भी किसी परमाणु संयंत्र में बना सकते हो तो परमाणु बम फोडऩे के अधिकारी हो, अन्यथा दुनिया में युद्ध को युद्ध नीति से ही लडऩा श्रेष्ठ होगा, पत्र में अनाज के दानों ने भी अपनी पीड़ा बतायी है कि हम अनाज के दानों का जन्म दुनिया के जीव मात्र के भाग्य से होता है, जबकि आप परमाणु बम का जन्म दुनिया के दुर्भाग्य से होता है। या तो हमारी चुनौती को स्वीकार करो अथवा परमाणु बम को मोह त्याग कर हम अनाजों की तरफ भी देखा।



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AUTHORRohit

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