सगे-संबंधी छूने से डर रहे थे, तब की सेवा, काम निकला तो कर दिया बाहर

सगे-संबंधी छूने से डर रहे थे, तब की सेवा, काम निकला तो कर दिया बाहर

– नियमितिकरण की मांग लेकर पदयात्रा पर निकलेंगे कोरोना योद्धा
– मप्र के 52 जिलों से बुदनी घाट पर हुए एकत्र, मुंडन भी कराया है
इटारसी। दो वर्ष से कोरोना मरीजों (Corona Patients) का जीवन बचाने वाले कोरोना योद्धाओं को नियमित करने की अनेक जिलों के विधायकों (MLAs) और मंत्रियों (Ministers) की अनुशंसा के बावजूद उनको नियमित नहीं किया जा रहा है। आज पूरे मप्र के 52 जिलों से कोरोना योद्धा मुख्यमंत्री (Chief Minister) शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) के विधानसभा क्षेत्र बुदनी (Assembly Constituency Budni) में एकत्र हुए हैं। यहां कोरोना योद्धाओं ने सरकार को सद्बुद्धि के लिए हवन-पूजन के साथ मुंडन भी कराया है। इसके बाद ये सभी भोपाल (Bhopal) के लिए पदयात्रा (Padyatra) निकालेंगे।
कोरोना योद्धा दीपक वर्मा ने बताया कि हमने उस वक्त कोरोना से संक्रमित मरीजों की सेवा की, जब उनके अपने सगे-संबंधी उनके पास जाने से परहेज कर रहे थे। परिवार को डर था कि कहीं हमें यह बीमारी न लग जाए। हमें सरकार से अस्थायी तौर पर रखा था, बावजूद इसके हमने विश्व पर आये कठिन इस संकट की घड़ी में मानवता का साथ नहीं छोड़ा और अपनी जान की परवाह किये बिना सेवा की। बदले में हमें क्या मिला? काम खत्म हो जाने के बाद सेवा से मुक्ति। हम अस्थायी थे, लेकिन जिस शिद्दत से सेवा की है, हमें स्थायी किया जाना चाहिए, क्योंकि हमारे मेडिकल सिस्टम (Medical System) में काफी गुंजाइश है और पदरिक्त हैं। आज सुबह मप्र के छतरपुर, रीवा, सतना, मुरैना, छिंदवाड़ा, बैतूल, हरदा, रायसेन, सीहोर, भोपाल, नर्मदापुरम सहित मप्र के 52 जिलों से डाक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ, सपोर्टिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ, लैब टेक्निशियंस बुदनी में एकत्र हुए हैं। यहां से संरक्षक डॉ. योगेश तारंग के नेतृत्व में उनकी पदयात्रा भोपाल के लिए निकलेगी जो राजधानी में जाकर मुख्यमंत्री से स्थायी नियुक्ति की मांग करेंगे। आज सुबह आकर सभी ने हवन-पूजन किया और मुरैना के एक डॉक्टर ने मुंडन भी कराया है।

दो वर्ष से कार्यरत हैं

पूरे मप्र से शासन से 8000 से अधिक अस्थायी मानव संसाधन के अंतर्गत स्वास्थ्य कर्मचारियों की कोविड-19 में भर्ती की गई थी। महामारी को देखते हुए शासन ने समय-समय पर इसकी अवधि बढ़ाई है। कोई भी अस्थायी भर्ती दो या तीन माह के लिए होती है, लेकिन इन सभी कर्मचारियों को लगभग दो वर्ष हो गये हैं, इनको स्थायी करना तो दूर सेवा से ही बाहर कर दिया है।

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AUTHORRohit

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