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जन्मदिन विशेष : अक्षय कुमार – एक ‘खिलाड़ी’ जिसने बॉलीवुड के खेल को बदल दिया

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  • अखिलेश शुक्ला
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9 सितंबर। यह तारीख सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि एक ‘एनर्जी’, एक ‘एंटरटेनमेंट पैकेज’ और करोड़ों दिलों के धड़कने की वजह का जन्मदिन है। 9 सिंतबर बॉलीवुड के ‘खिलाड़ी’, ‘मिस्टर फन्सी’ और रियल लाइफ के असली हीरो अक्षय कुमार का जन्मदिन है। उनका सफर सिर्फ एक एक्टर का सफर नहीं है; यह एक ऐसी कहानी है जो संघर्ष, जुनून, अनुशासन और निरंतर बदलाव की मिसाल है।

एक वेटर से लेकर मार्शल आर्ट टीचर तक का सफर

अक्षय कुमार का जन्म 9 सितंबर, 1967 को अमृतसर, पंजाब में हरिशरण भाटिया और अरुणा भाटिया के घर हुआ। उनका असली नाम राजीव हरि ओम भाटिया है। बचपन से ही खेल-कूद में रुचि रखने वाले अक्षय ने दिल्ली में पढ़ाई की और फिर मुंबई का रुख किया। यहाँ आकर उन्होंने जीवनयापन के लिए छोटे-मोटे कई काम किए। एक वेटर की नौकरी से लेकर बैंगलोर में मार्शल आर्ट सिखाने तक, उन्होंने हर भूमिका में अपना सौ प्रतिशत दिया। यही अनुशासन और जीवन की यही समझ आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

बॉलीवुड में एंट्री ‘लकी’ नहीं, ‘फाइटर’ बनकर टिके रहना

साल 1991 में फिल्म ‘सौगंध’ से उन्होंने डेब्यू किया। पहली ही फिल्म हिट हो गई। लेकिन इसके बाद उन पर ‘एक्शन हीरो] का लेबल चस्पां हो गया और कई सालों तक वह उसी छवि में काम करते रहे। 90 का दशक उनके लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। ‘खिलाड़ी’, ‘मोहरा’, ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’ जैसी एक्शन फिल्मों ने उन्हें स्टार्डम तो दिलाया, लेकिन ‘इंटरनेशनल खिलाड़ी’ और ‘जानवर’ जैसी फ्लॉप फिल्मों ने उन्हें करियर के संकट से भी रू-ब-रू कराया। लेकिन अक्षय कुमार की खासियत यही है – वह कभी हार नहीं मानते। उन्होंने अपने आप को बदला। एक्शन के साथ-साथ उन्होंने कॉमेडी और ड्रामा में भी हाथ आजमाया।

वो पल जब ‘खिलाड़ी’ बना ‘किंग ऑफ कॉमेडी’

2000 का दशक आते-आते अक्षय ने अपनी एक नई पहचान बनाई। फिल्म ‘हेरा फेरी’ (2000) ने उन्हें कॉमेडी के बादशाह के तौर पर स्थापित किया। उनका कॉमिक टाइमिंग, चेहरे के एक्सप्रेशन और डिलीवरी ने दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके बाद ‘अवार्ड’, ‘गरम मसाला’, ‘भूल भुलैया’, ‘हाउसफुल’ सीरीज़ और ‘सेट्टर’ जैसी फिल्मों ने साबित कर दिया कि अक्षय कुमार एक बहुमुखी अभिनेता हैं।

देशभक्ति और सोशल मैसेज वाली फिल्मों का ‘सुपरस्टार’

2010 के बाद का दौर अक्षय कुमार के करियर का स्वर्णिम दौर कहा जा सकता है। उन्होंने ऐसी फिल्मों को चुना जो सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि एक सामाजिक सन्देश भी देती थीं।

  • ‘एयरलिफ्ट’ (2016) : इस फिल्म ने उन्हें एक गंभीर अभिनेता के तौर पर स्थापित किया।
  • ‘रुस्तम’ (2016) : एक सशक्त जासूसी किरदार।
  • ‘टॉयलेट : एक प्रेम कथा’ (2017) : स्वच्छ भारत अभियान जैसे गंभीर विषय पर एक शानदार फिल्म।
  • ‘पैडमैन’ (2018) : मासिक धर्म जैसे टैबू विषय पर जागरूकता फैलाई।
  • ‘केसरी’ (2019) और ‘सूर्यवंशी’ (2021) : एक्शन और देशभक्ति का परफेक्ट कॉम्बिनेशन।
  • ‘मिशन मंगल’ (2019) : भारत के मंगल अभियान की सफलता पर आधारित फिल्म।

इन फिल्मों ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया, बल्कि यह भी साबित किया कि अक्षय कुमार एक जिम्मेदार स्टार हैं जो अपनी सिनेमाई ताकत का इस्तेमाल समाज को बेहतर बनाने के लिए कर रहे हैं।

पर्सनल लाइफ के स्टार फैमिली मैन अक्षय

अक्षय कुमार की शादी 2001 में ट्विंकल खन्ना से हुई। यह जोड़ा बॉलीवुड का सबसे स्टेबल और प्यारा जोड़ा माना जाता है। उनकी बेटी नितारा और बेटा अरविंद उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशियाँ हैं। ट्विंकल के सपोर्ट और उनके पारिवारिक जीवन की सादगी ने उन्हें ग्राउंडेड रखा है। वह अक्सर अपने परिवार के साथ वक्त बिताने और उन्हें प्राथमिकता देने की बात कहते हैं।

फिटनेस के बादशाह

58 साल की उम्र में भी अक्षय कुमार की फिटनेस युवाओं को टक्कर देती है। वह रोज सुबह 4 बजे उठते हैं और सख्त वर्कआउट करते हैं। उनकी फिटनेस का राज उनका अनुशासन है। वह न सिर्फ खुद फिट रहते हैं, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए लाखों लोगों को भी फिटनेस के लिए प्रेरित करते हैं।

सोशल वर्क – दूसरों की मदद करने का जुनून

अक्षय कुमार सिर्फ फिल्मों में ही नहीं, बल्कि असल जिंदगी में भी एक हीरो हैं। वह नियमित रूप से ब्लड डोनेशन कैंप लगवाते हैं और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करते हैं। वह कई सामाजिक संस्थाओं का समर्थन करते हैं और चुपचाप दान भी करते रहते हैं। COVID-19 महामारी के दौरान उन्होंने मदद के लिए आगे आकर एक मिसाल कायम की।

निष्कर्ष

अक्षय कुमार का सफर हमें बहुत कुछ सिखाता है। वह सिखाते हैं कि असफलता अंत नहीं होती, बल्कि एक नई शुरुआत का मौका होती है। वह सिखाते हैं कि उम्र सिर्फ एक नंबर है, जुनून और अनुशासन ही सब कुछ है। वह सिखाते हैं कि सफलता का मतलब सिर्फ हिट फिल्में देना नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना भी है।

आज वह बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद स्टार्स में से एक हैं। वह ‘खिलाड़ी’ से ‘खेल’ बदलने वाले ‘किंग’ बन चुके हैं। उनकी कहानी एक ऐसी मोटिवेशनल स्टोरी है जो हमेशा चलती रहेगी। अक्षय कुमार, आपकी एनर्जी, पॉजिटिविटी और आपका अनुशासन हम सभी के लिए एक प्रेरणा है। आप स्वस्थ रहें, खुश रहें और इसी तरह अपने अद्भुत अंदाज से हमें एंटरटेन करते रहें। देश को आप पर गर्व है!

अखिलेश शुक्ला

सेवा निवृत्त प्राचार्य, लेखक ब्लॉगर

Rohit Nage

रोहित नागे वरिष्ठ पत्रकार एवं समाचार संपादक हैं, जिन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता में स्नातक किया है तथा लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। अपने पत्रकारिता जीवन में उन्होंने दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, राज एक्सप्रेस, पीपुल्स समाचार, नवभारत सहित अनेक प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में रिपोर्टर, उप-संपादक, ब्यूरो प्रमुख एवं न्यूज़ इंचार्ज के रूप में कार्य किया है। वे Narmadanchal.com के रिपोर्टर, उप-संपादक, एवं न्यूज़ इंचार्ज के रूप में कार्य कर रहे हैं और नर्मदांचल क्षेत्र की निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय समाचारों पर विशेष रूप से लेखन एवं संपादन कार्य कर रहे हैं।

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