इटारसी। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राजकुमार ‘केलू’ उपाध्याय ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लिए महिला आरक्षण सिर्फ एक राजनीतिक प्रोपेगेंडा और इवेंट बनकर रह गया है, जिसका असली मकसद जनता को गुमराह कर वोट बटोरना है।
लागू करने में देरी पर उठाए सवाल
केलू उपाध्याय ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि जब 2023 में महिला आरक्षण बिल पारित हो चुका है और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर भी हो चुके हैं, तो फिर इसे लागू करने में इतनी देरी क्यों की जा रही है? उन्होंने सवाल किया कि कई विधानसभा चुनाव बीत जाने के बाद भी आने वाले लोकसभा चुनाव में इसे क्यों लागू नहीं किया जा रहा? उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “भाजपा में हिम्मत है तो सबसे पहले अपनी पार्टी से महिला प्रधानमंत्री बनाकर दिखाएं।
परिसीमन को बताया नया षड्यंत्र
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि जनगणना और परिसीमन के नाम पर अब नया षड्यंत्र रचा जा रहा है ताकि महिलाओं की भागीदारी को 2029 तक टाला जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में जो खारिज हुआ है, वह मूल महिला आरक्षण बिल नहीं बल्कि वह संशोधन था जिसके जरिए सरकार अपने हिसाब से देश के इलेक्टोरल मैप (चुनावी मानचित्र) को बदलना चाहती थी।
“वोट चोरी” का लगाया आरोप
भाजपा पर कड़ा प्रहार करते हुए उपाध्याय ने कहा कि विधानसभा और लोकसभा में महिला आरक्षण हकीकत में ‘शून्य’ है, लेकिन प्रोपेगेंडा में इसे ‘नंबर वन’ बनाया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को किसान, नौजवान या महिलाओं के हितों से कोई सरोकार नहीं है, उनका एकमात्र उद्देश्य हर मुद्दे पर इवेंट कर वोट चोरी करना है।










