रीतेश राठौर, केसला। गुरुवार को दोपहर सुखतवा नदी में डूबे 55 वर्षीय हरिप्रसाद राठौर और उनके 5 वर्षीय पोते हर्षू राठौर के शव बरामद कर लिए गए हैं। हरिप्रसाद का शव शुक्रवार की सुबह मिला, जबकि उनके मासूम पोते का शव दोपहर में एसडीआरएफ की टीम को मिला। इस हृदय विदारक घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
यह दिल दहला देने वाली घटना गुरुवार, 4 सितंबर को उस समय हुई थी जब दादा-पोते घर से नदी में नहाने का कहकर निकले थे। दोपहर करीब 1:30 बजे वे सुखतवा नदी में नहाने गए और अचानक लापता हो गए। जब वे काफी समय तक घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। नदी के किनारे उनके कपड़े, गमछा और चप्पल मिलने के बाद अनहोनी की आशंका गहरा गई थी।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए थे। रात होने तक भी बचाव दल को कोई सफलता नहीं मिल पाई थी। शुक्रवार की सुबह से ही एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की विशेष टीम ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद, टीम को पहले हरिप्रसाद राठौर का शव नदी के निचले हिस्से में मिला।
इसके बाद, पूरे दिन मासूम हर्षू की तलाश जारी रही। दोपहर में, आखिरकार एसडीआरएफ की टीम को हर्षू का शव भी मिल गया। इस दुखद खबर से पूरे क्षेत्र में मातम छा गया है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। यह घटना परिवार और पूरे गांव के लिए एक गहरा सदमा है।








