इटारसी। गत वर्ष एवं इस वर्ष भी लगातार कोरोना महामारी (Corona Mahamari) की मार झेल रहे मध्यम एवं छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए प्रदेश के 52 जिलों के कैट पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (Chief Minister Shivraj Singh) से अपील की है। कैट ने अपील में लिखा है कि वर्तमान में संपत्ति कर (property tax), नगर निगम दुकानों का किराया, जीएसटी पर पेनल्टी, बिजली का बिल एवं अन्य खर्चे स्टाफ की तनख्वाह, दवाइयों पर होने वाले खर्चे के कारण व्यापारियों की कमर टूट चुकी है। चूंकि यह सीजन शादियों का सीजन था व्यापारियों को काफी उम्मीद थी, लगभग सभी व्यापार शादियों से जुड़े हुए हैं और शादियों के सीजन में ही कोरोना महामारी के पुनः प्रकोप के कारण व्यापारियों को अत्यंत नुकसान झेलना पड़ा है। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष और नर्मदा संभाग प्रभारी विजय राठी (Narmada Division Incharge Vijay Rathi) ने कहा कि मैरिज गार्डन, इवेंट कंपनियां, कैटरर्स, कपड़ा एवं अन्य व्यापार जो शादियों पर आधारित है पूरी तरह बर्बादी के कगार पर हैं। बैंकों की किस्तेंं भरने के लिए मध्यम वर्गीय एवं छोटे व्यापारियों के पास पैसा नहीं है। ऐसे में मुख्यमंत्री अगर कोई राहत व्यापारियों को देते हैं तो निश्चित ही यह व्यापारियों के प्रति सरकार की उदारता को दर्शाएगा। मुख्यमंत्री से अपील में कैट ने कहा है कि अगर राहत नहीं मिलती है तो निश्चित ही आने वाले सालों में इसका कहीं ना कहीं नुकसान प्रदेश के राजस्व में भी होगा। अतः निवेदन है कि बिजली बिल जीएसटी पर लगने वाली पेनल्टी एवं अन्य करों से व्यापारियों को राहत दी जाए।











