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बीज कलश बनाकर चलाया अभियान, 20 हजार सीड बॉल बनाकर पर्यावरण सहेजने की पहल

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इटारसी। सोनासांवरी नाके के पास रहने वाली शिक्षिका श्रीमती शिवकुमारी पटेल अपने प्रयासों से पिछले 10 वर्षों से विभिन्न फलदार बीजों को एकत्र कर उनसे सीड बॉल बनाने का कार्य कर रही हैं। अब उन्हें सामाजिक संस्थाओं एवं लोगों का सहयोग भी प्राप्त होने लगा है। पर्यावरण मित्र शिक्षिका श्रीमती शिवकुमारी पटेल ने गत वर्ष 5000 से अधिक सीड बॉल तैयार किए थे। उनका कहना है कि इस साल 20 हजार सीड बॉल तैयार करके उन्हें उचित स्थान पर रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

वे बताती हैं कि सोनासांवरी नदी के किनारे से मिट्टी लाने का काम वे स्वयं करती हैं। बीज एकत्र करने की उन्हें हमेशा से ही रुचि रही है। इसलिए बीज एकत्र करने का कार्य वे साल भर जारी रखती हैं। श्रीमती पटेल ने बताया कि उनके सीड बॉल बनाने की बात पता लगने पर उन्हें शहर के पर्यावरण प्रेमी लोगों एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं का सहयोग बीज एकत्र करने एवं उन्हें रोपने में प्राप्त होने लगा है। पहले जहां वे 100 से 200 सीड बॉल बना पाती थी।

इस साल उनके पास आम, जामुन, रामफल, सीताफल, बील, बेर, लीची, चीकू, अनार, आंवला, अमरूद, अमलतास, गुलमोहर, पीपल, इमली, करंजी, नीम, मीठी नीम, मुनगा, कपास, अर्जुन, चक्रफूल, बबूल, अशोक, पारिजात, छींदा, पपीता, कदंब, मौसंबी के 1 लाख से अधिक बीज एकत्र हो गए हैं जिसके 15 हजार सीड बॉल वे बना चुकी हैं। एक सप्ताह में और भी 5 हजार सीड बॉल वे बना लेंगी। इस पूरे अभियान में उन्हें पर्यावरण मित्र छाया शुक्ला, मनीषा सोनार, कमला चौहान,नंद किशोर, बृजमोहन सिंह सोलंकी, सौरभ दुबे, साइक्लिंग ब्रदर्स इटारसी ग्रुप का बीज एकत्रीकरण एवं रोपण में विशेष सहयोग मिला है।

फ्री नर्सरी से उपलब्ध होंगे पौधे

श्रीमती पटेल ने कहा कि बीज उपलब्ध होने से उन्होंने नर्सरी तैयार कर ली है। जहां से लोगों को मुफ्त में पौधे उपलब्ध कराए जा सकें। इसके लिए उनकी टीम सभी लोगों में जागरूकता पैदा कर रहे हैं कि वे फलों के बीज फेंकें नहीं हमें उपलब्ध करा दें। पौधे बनाकर हम मुफ्त में पर्यावरण प्रेमियों को देंगे।

बीज कलश बनाकर चलाया अभियान

कड़ा माणिकपुरी जिझोतिया ब्राह्मण समाज प्रगतिशील मंच एवं साइक्लिंग ब्रदर्स ग्रुप ने अभियान चलाकर बीज एकत्रीकरण के काम में सहयोग प्रदान किया है। इन संस्थाओं ने अपील की कि घरों में आपको बीज एकत्रित करने के लिए कोई भी प्लास्टिक या मिट्टी डिब्बा तैयार करना है जिसको हम बीज-कलश नाम देंगे। किसी भी फल के बीज को धोकर, धूप में सुखाकर आपको बीज-कलश में एकत्र करते रहना है। संस्था के सदस्यों को आपको यह बीज उपलब्ध कराना है। बीज-कलश मंच के द्वारा वितरित भी किये जा रहे हैं एवं आप स्वयं भी घर पर बना सकते हैं।

ऐसे बनती है सीड बॉल

सीड बॉल या मिट्टी के लड्डू से बीज स्वत: अंकुरित होकर जमीन में स्थाई हो जाता है। इस तकनीकी से हर प्रकार के पौधे तैयार किए जा सकते हैं। सीड बॉल बनाने के लिए खेत की मिट्टी में एक चौथाई बालू व उतनी ही मात्रा में गोबर खाद को मिलाकर आटे की तरह गूंथ लेना चाहिए। उसके बाद बीज के आकार के हिसाब से मिट्टी लेकर उसमें बीज को भरते हुए लड्डू जैसा गोला बनाएं। लड्डू बनने के बाद छाए में सुखा लें। इसके बाद खाली स्थान पर रोप दें। बारिश की नमी मिलते ही बीज अंकुरित हो जाएगा।

Rohit Nage

रोहित नागे वरिष्ठ पत्रकार एवं समाचार संपादक हैं, जिन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता में स्नातक किया है तथा लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। अपने पत्रकारिता जीवन में उन्होंने दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, राज एक्सप्रेस, पीपुल्स समाचार, नवभारत सहित अनेक प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में रिपोर्टर, उप-संपादक, ब्यूरो प्रमुख एवं न्यूज़ इंचार्ज के रूप में कार्य किया है। वे Narmadanchal.com के रिपोर्टर, उप-संपादक, एवं न्यूज़ इंचार्ज के रूप में कार्य कर रहे हैं और नर्मदांचल क्षेत्र की निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय समाचारों पर विशेष रूप से लेखन एवं संपादन कार्य कर रहे हैं।

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