- 5 भक्तों से शुरू हुई थी यात्रा, कोरोना काल को छोड़कर 50 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है परंपरा
- इस वर्ष 51 वे वर्ष में इटारसी रेलवे स्टेशन पर उमड़ा भक्ति का सैलाब, उत्साह से रवाना हुए श्रद्धालु
इटारसी। नगर में आस्था, श्रद्धा और परंपरा का एक अनूठा संगम शुक्रवार की सुबह देखने को मिला। विगत 50 वर्षों से चली आ रही गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार 51वें वर्ष में मां वैष्णो देवी की धार्मिक यात्रा के लिए 350 से अधिक श्रद्धालुओं का जत्था पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ कटरा (जम्मू) के लिए रवाना हो गया। कोरोना काल के व्यवधान को यदि छोड़ दिया जाए, तो यह पावन यात्रा पिछले कई दशकों से अनवरत रूप से आयोजित की जा रही है।
5 भक्तों से शुरू हुआ था सफर, 700 तक पहुंच चुका है आंकड़ा

इस यात्रा का इतिहास बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायी है। शुरुआती दौर में महज 5 श्रद्धालुओं के साथ शुरू हुई यह धार्मिक यात्रा आज एक विशाल कारवां बन चुकी है। समय के साथ भक्तों की आस्था जुड़ती गई और एक समय ऐसा भी आया जब इस यात्रा में 700 से अधिक श्रद्धालु एक साथ शामिल हुए थे। हर वर्ष भक्तों की संख्या में उतार-चढ़ाव होता रहता है, लेकिन माता के प्रति आस्था और उत्साह में कभी कोई कमी नहीं आई। कई परिवारों के लिए तो पिछले 30 सालों से इस यात्रा में सम्मिलित होना एक अटूट पारिवारिक परंपरा बन चुका है।
दुर्गा मंदिर में हुई महाआरती, बाजे-गाजे के साथ निकली शोभायात्रा

धार्मिक यात्रा का शुभारंभ शुक्रवार की सुबह करीब 6 बजे मुख्य बाजार क्षेत्र स्थित दुर्गा चौक प्राचीन दुर्गा मंदिर से हुआ। यहाँ सभी श्रद्धालुओं ने एकत्र होकर माता जी की विधि-विधान से महाआरती की और नगर की सुख-समृद्धि तथा परिवारों की खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात माता जी के भव्य चित्र के साथ बाजे-गाजे और जयकारों के बीच एक शोभायात्रा निकाली गई, जो नगर के मुख्य मार्गों से होती हुई रेलवे स्टेशन पहुंची। जय माता दी के उद्घोष से पूरा स्टेशन परिसर गुंजायमान हो उठा
प्लेटफॉर्म नंबर 3 से अंडमान एक्सप्रेस से हुए रवाना
शुक्रवार सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर प्लेटफॉर्म क्रमांक 3 पर जैसे ही अंडमान एक्सप्रेस आकर रुकी, श्रद्धालुओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। जत्था प्रभारी सतीश बत्रा ने बताया कि लगभग 350 से अधिक श्रद्धालुओं का यह जत्था 11 जुलाई को कटरा पहुंचेगा। कटरा पहुंचने पर समिति द्वारा शनिवार 11 जुलाई को माता रानी का भव्य जागरण और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
एक सप्ताह तक नौ देवियों और हिमाचल के मंदिरों के करेंगे दर्शन
श्रद्धालुओं ने बताया कि करीब एक सप्ताह तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान वे न केवल मां वैष्णो देवी के दर्शन करेंगे, बल्कि जम्मू-कश्मीर के आसपास विराजित नौ देवियों के अलग-अलग पवित्र स्थानों पर जाकर भी शीश नवाएंगे। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शहरों में स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिरों के दर्शनों का लाभ भी इस यात्रा के माध्यम से लिया जाएगा। अधिकांश श्रद्धालु अपने पूरे परिवार और बच्चों के साथ इस पावन यात्रा पर गए हैं, जिससे नई पीढ़ी को भी इस धार्मिक परंपरा से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।











