कियोस्क संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी का मामला पंजीबद्ध

Post by: Rohit Nage

1.25 lakh rupees stolen from the bag of a farmer who was getting his eyes checked

इटारसी। सिटी पुलिस के पास पुरानी इटारसी के एक फोटोकापी संचालक द्वारा जालसाजी, धोखाधड़ी का मामला आया है जिस पर पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर लिया है। दरअसल मामला शासकीय राशि में हेरफेर से जुड़ा बताया जाता है। पुलिस थाना इटारसी में कोर्ट के लिपिक शिकायत दर्ज करायी है कि एमपी ऑन लाइन के सेवा प्रदाता साईंकृपा फोटोकॉपी संचालक ने न्यायालयों में पेश समरी प्रकरणों में अर्थदंड की राशि एवं आरसीटी प्रकरणों में मुचलका जब्ती की राशि में गड़बड़ी की है।

न्यायालय में पदस्थ निष्पादन लिपिक ने थाना प्रभारी आरक्षी केंद इटारसी के नाम से एमपी ऑनलाइन के सेवा प्रदाता साई कृपा फोटो कपी पुरानी इटारसी के संचालक के विरुद्ध विधिवत कार्यवाही करने बाबत एक लिखित आवेदन ऑर्डर शीट एवं सायबर ट्रेजरी की संलग्न 36 रशीद के साथ पेश किया। पुलिस ने आवेदन का अवलोकन कर प्रथम दृष्टया आरोपी एमपी ऑनलाइन के सेवा प्रदाता साईं कृपा फोटो कपी पुरानी इटारसी के संचालक के विरुद्ध अपराध धारा 409, 420, 467, 468, 471 भादवि का पाया जाने से पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।

इस तरह है मामला

न्यायालय में पेश समरी प्रकरणों में अर्थदंड की राशि एवं आरसीटी प्रकरणों में मुचलका जब्ती की राशि ऑनलाईन जमा करने के निर्देश दिये जाने के उपरांत राशि जमा करने पर इस न्यायालय में सेवा प्रदाता द्वारा रसीद पेश की जाती है। पीठासीन अधिकारी के निर्देश पर लिपिक ने न्यायालय में पेश समरी प्रकरणों में अर्थदंड की राशि एवं आरसीटी प्रकरणों में मुचलका जब्ती की राशि की रसीदों का क्यूआर कोड से ऑनलाईन मिलान किया तो साइबर टेजरी एमपी की वेबसाइट पर जमा राशि एवं न्यायालय में प्राप्त रसीद में उल्लेखित राशि में भिन्नता पायी गयी है। रसीदों का मेरे द्वारा क्यू आर कोड से मिलान करने उपरांत यह पाया गया कि 11 समरी प्रकरण एवं एक आरसीटी प्रकरण में ऑनलाइन बेबसाइट एवं न्यायालय में पेश रसीद की प्रति में जमा की गयी राशि, यूआरएन नंबर, सीआईएन नंबर एवं सीआरएन नंबर में भिन्नता है। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।

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