इटारसी। नगर की भविष्य की योजनाओं और विकास का आधार बनने वाली जनगणना की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। स्थानीय शासकीय एमजीएम कॉलेज में रविवार को मकान सूचीकरण के प्रथम चरण का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ हुआ। इस दौरान प्रगणकों को डिजिटल माध्यम से डेटा जुटाने की बारीकियां सिखाई गईं।
तीन दिन चलेगा प्रशिक्षण, आज 84 ने सीखीं बारीकियां
प्रशिक्षण सत्र के पहले दिन दो बैचों में प्रगणकों को प्रशिक्षित किया गया, जिसमें कुल 84 प्रशिक्षणार्थी शामिल हुए। यह सत्र कुल तीन दिन चलेगा। प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्रगणकों को फील्ड पर ले जाकर प्रैक्टिकल भी कराया जाएगा, ताकि वास्तविक कार्य के दौरान कोई त्रुटि न हो।
132 ब्लॉकों में बंटा शहर, पूरी तरह डिजिटल होगी प्रक्रिया
जनगणना कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए इटारसी शहर को 132 ब्लॉकों में विभाजित किया गया है।
- अमली जामा : इस कार्य में 132 प्रगणक और 22 सुपरवाइजर तैनात रहेंगे।
- निगरानी : प्रत्येक छह प्रगणकों पर एक सुपरवाइजर नियुक्त किया गया है।
- रिजर्व स्टाफ : आपात स्थिति के लिए 10 प्रतिशत स्टाफ (13 प्रगणक और 2 सुपरवाइजर) को भी आरक्षित रखा गया है।
- डिजिटल जनगणना : खास बात यह है कि इस बार सारा काम ऑनलाइन ‘जनगणना एप्लीकेशन’ के माध्यम से किया जाएगा।
जनता से पूछे जाएंगे 32 सवाल
मकान सूचीकरण के दौरान प्रगणक हर घर पहुंचकर नागरिकों से कुल 32 सवाल पूछेंगे। इसमें मुख्य रूप से बिजली, पानी, इंटरनेट और शौचालय की उपलब्धता।
- सम्पत्ति : स्वयं का मकान, वाहन और अन्य भौतिक संसाधनों की जानकारी।
- स्तर : व्यक्ति की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्थिति से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे।
अधिकारियों ने दी उपस्थिति
प्रशिक्षण सत्र के दौरान नगर पालिका सीएमओ एवं जनगणना अधिकारी ऋतु मेहरा और अधीक्षक राजेन्द्र शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने प्रगणकों को इस कार्य की गंभीरता और शुद्धता के महत्व के बारे में समझाया। एमजीएम कॉलेज के चार वरिष्ठ प्रोफेसर बतौर मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।
कब क्या होगा?
- 1 से 30 मई (2026) : शहर में मकान सूचीकरण और आवासीय गणना का कार्य घर-घर जाकर किया जाएगा। एक प्रगणक को करीब 200 मकानों का लक्ष्य दिया गया है।
- फरवरी (2027) : अगले वर्ष फरवरी माह में वास्तविक जनगणना (व्यक्तिगत जानकारी) का कार्य शुरू होगा।










