चैत्र नवरात्रि के 10 सर्वश्रेष्ठ भक्ति गीत
- अखिलेश शुक्ल, सेवा निवृत्त प्राचार्य, लेखक, ब्लॉगर

शक्ति की उपासना का पर्व, चैत्र नवरात्रि, जब हर घर में माँ के जयकारे गूंजते हैं। बॉलीवुड ने भी इन नौ दिनों को अपने सदाबहार भजनों और स्तुति गीतों से सजाया है। आइए सुनते हैं वे दस चुनिंदा गीत जो माँ के विभिन्न स्वरूपों – दुर्गा, काली, जगदम्बे, गौरी – को समर्पित हैं और दशकों से हमारी आस्था को नई उर्जा देते आ रहे हैं।
स्वर्णिम अतीत: जब बॉलीवुड ने मां के गीतों को पहली बार आवाज़ दी
1. अम्बे तू है जगदम्बे काली – नवरात्रि (1955)
चैत्र नवरात्रि के भक्ति गीतों की सूची का आरंभ इसी अमर गीत से होता है। फिल्म नवरात्रि के लिए रचा गया यह गीत स्वयं माँ दुर्गा की स्तुति है। आशा भोंसले की आवाज़ में यह भजन ऐसा गूंजा कि आज भी मंदिरों और घरों में इसे उसी श्रद्धा से गाया जाता है। ‘अम्बे तू है जगदम्बे काली’ की हर तान में माँ की महिमा का बखान है।
- · फिल्म: नवरात्रि (1955)
- · गायिका: आशा भोंसले
- · संगीतकार: चित्रगुप्त
- · गीतकार: भरत व्यास
2. जय जय मां भवानी – मां भवानी (1960)
यह गीत उस दौर की धरोहर है जब भक्ति रस की फिल्मों का अपना अलग दौर चलता था। लता मंगेशकर की सरल और सीधी आवाज़ में यह भजन सीधे हृदय में उतरता है। माँ भवानी की उपासना में यह गीत आज भी प्रातःकालीन आराधना का अभिन्न अंग है।
- · फिल्म: मां भवानी (1960)
- · गायिका: लता मंगेशकर
- · संगीतकार: सी. रामचंद्र
- · गीतकार: भरत व्यास
3. मैया मैया ऐ मैया – बैजू बावरा (1952)
हालांकि यह गीत प्रत्यक्ष रूप से माँ दुर्गा को नहीं, बल्कि मांकी व्यापक अवधारणा को समर्पित है, पर इसकी मार्मिकता और भक्ति भावना ने इसे नवरात्रि के दिनों में उतना ही महत्व दिया है। मोहम्मद रफी की आवाज़ में यह करुण भजन भक्ति और विरह के मिलन का अद्भुत उदाहरण है।
- · फिल्म: बैजू बावरा (1952)
- · गायक: मोहम्मद रफी
- · संगीतकार: नौशाद
- · गीतकार: शकील बदायूँनी
सत्तर-अस्सी का दशक: जब भक्ति फिल्मों ने मां की महिमा का डंका बजाया
4. शेरावाली मां – आप अगर हमारे होते (1985)
‘शेरावाली मां ’ का यह गीत उन भक्ति गीतों में से है जो सामूहिक आराधना का पर्याय बन गया। लता मंगेशकर की शक्तिशाली आवाज़ और आनंद-मिलिंद के संगीत ने इसे ऐसी ऊर्जा दी कि चैत्र नवरात्रि की किसी भी सभा में यह गीत अवश्य बजता है। यह गीत माँ दुर्गा के शेर पर सवार स्वरूप की जय-जयकार करता है।
- · फिल्म: आप अगर हमारे होते (1985)
- · गायिका: लता मंगेशकर
- · संगीतकार: आनंद-मिलिंद
- · गीतकार: इंदीवर
5. जय काली मां – गंगा किनारे मोरा गाँव (1984)
यह गीत मां काली के रौद्र और करुणा दोनों स्वरूपों को समर्पित है। पंकज उधास जैसे गायक का यह भक्ति गीत उनके करियर का अनोखा पहलू है। ‘जय काली मां ’ की गूंज हर शक्ति उपासक के रोंगटे खड़े कर देती है।
- · फिल्म: गंगा किनारे मोरा गाँव (1984)
- · गायक: पंकज उधास
- · संगीतकार: राजेश रोशन
- · गीतकार: वर्मा मलिक
नब्बे के दशक का रौद्र रूप: मां काली और दुर्गा के गीतों का नया स्वर
6. देवी देवेश्वरी – वास्तव (1999)
फिल्म वास्तव का यह गीत भले ही एक्शन-ड्रामा की पृष्ठभूमि में आता है, पर इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि यह हर नवरात्रि में बजने वाला भक्ति गीत बन गया। संजय दत्त के चरित्र की श्रद्धा को दिखाता यह गीत माँ की महिमा को कच्ची और कर्कश आवाज़ में गाता है, जो आज भी युवाओं में उतना ही लोकप्रिय है।
- फिल्म: वास्तव (1999)
- गायिका: कविता कृष्णमूर्ति
- संगीतकार: संजीव-दर्शन
- गीतकार: नितिन रायकवार
7. अम्बे मां की जय – जय मां दुर्गा (1992)
नब्बे के दशक में दूरदर्शन पर आधारित फिल्म जय माँ दुर्गा का यह शीर्षक गीत हर भारतीय घर में पहुँच गया। यह गीत माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की स्तुति करता है और चैत्र नवरात्रि के अष्टमी-नवमी के दिन विशेष रूप से सुनाया जाता है। लता मंगेशकर की आवाज़ और सोहनलाल के संगीत ने इसे अमर बना दिया।
- · फिल्म: जय मां दुर्गा (1992)
- · गायिका: लता मंगेशकर
- · संगीतकार: सोहनलाल
- · गीतकार: निर्मल
नए सहस्राब्दी में मां के गीत: आधुनिक प्रस्तुतियाँ और शास्त्रीयता का संगम
8. मां मेरी मां – बुलंदी (2000)
इस गीत ने एक नए अंदाज में माँ की आराधना को प्रस्तुत किया। पारंपरिक वाद्यों के साथ मॉडर्न बीट्स का मिश्रण और उदित नारायण की आवाज़ ने इसे खास बना दिया। यह गीत माँ की शक्ति और करुणा दोनों का वर्णन करता है।
- · फिल्म: बुलंदी (2000)
- · गायक: उदित नारायण, पूर्णिमा
- · संगीतकार: आनंद राज आनंद
- · गीतकार: देव कोहली
9. शेरावाली माँ – माँ शेरावाली (2001)
कह सकते हैं कि यह नब्बे-दो हज़ार के दशक का सबसे प्रभावशाली भक्ति गीत है। यह गीत माँ दुर्गा के शेरावाली स्वरूप की जयगाथा है, जिसे दशकों से हर नवरात्रि में लाखों लोग गाते हैं। उत्तर भारत की सामूहिक आराधना में यह गीत अब एक अनुष्ठान बन चुका है।
- · फिल्म: मां शेरावाली (2001)
- · गायिका: लता मंगेशकर
- · संगीतकार: राजेंद्र शिव
- · गीतकार: शोभा
10. जय अम्बे गौरी – शिव पुराण (टीवी श्रृंखला, 2002)
यह गीत तकनीकी रूप से फिल्मी नहीं, बल्कि टीवी श्रृंखला शिव पुराण के लिए रचा गया था, लेकिन इसकी लोकप्रियता ने इसे बॉलीवुड भक्ति गीतों के समकक्ष खड़ा कर दिया। ‘जय अम्बे गौरी’ की मधुर धुन आज भी चैत्र नवरात्रि की सुबह हर घर में गूंजती है। यह गीत माँ गौरी के सौम्य और शक्ति दोनों रूपों का सुंदर चित्रण करता है।
- · टीवी श्रृंखला: शिव पुराण (2002)
- · गायिका: अनुराधा पौडवाल
- · संगीतकार: रवींद्र जैन
- · गीतकार: रवींद्र जैन
निष्कर्ष:
चैत्र नवरात्रि के ये नौ दिन केवल उपवास और पूजा के नहीं, बल्कि संगीत और भक्ति के अद्भुत मिलन के दिन भी हैं। 1955 के ‘अम्बे तू है जगदम्बे काली’ से लेकर 2000 के दशक के ‘शेरावाली माँ’ और ‘देवी देवेश्वरी’ तक, बॉलीवुड ने माँ दुर्गा, काली, गौरी और जगदम्बे के इन गीतों के माध्यम से हमारी आस्था को एक सुनहरी परंपरा से जोड़े रखा है।
ये गीत सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये वह माध्यम हैं जिनसे हम अपनी भावनाओं को माँ के चरणों में अर्पित करते हैं। चाहे मंदिर की सीढ़ियाँ हों या घर का आंगन, इन धुनों पर आँखें बंद करके माँ का ध्यान करने का जो सुख है, वह अद्वितीय है।
इस चैत्र नवरात्रि, इन दस अमर गीतों को अपनी साधना का हिस्सा बनाएँ। माँ की आराधना में डूबें, उनकी लीलाओं को गुनगुनाएँ और इस पावन पर्व को आस्था व संगीत के संगम में जिएँ।
आपको चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ! जय माँ दुर्गा!










