इटारसी। शहर के चामुंडा चौराहे पर सरेराह हुए खूनी संघर्ष के मामले में इटारसी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के प्रयास के इस गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है, जबकि घटना में शामिल अन्य नामजद फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
पुलिस की घेराबंदी : 3 आरोपी हिरासत में
मंगलवार को सतीश बिल्लौरे पर हुए जानलेवा हमले के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीमों ने मुखबिरों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की घेराबंदी शुरू की। पुलिस ने देर रात और सुबह के बीच दी गई दबिश में तीन आरोपियों को हिरासत में लेने में कामयाबी हासिल की है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि हमले में इस्तेमाल हथियार और अन्य फरार साथियों के ठिकानों का पता लगाया जा सके।
शेष 4 की तलाश में पुलिस की छापेमारी
मामले में नामजद सुंदर भदौरिया, प्रहलाद सराठे, भूरा भदौरिया, शशांक, ललित पासी, लवीश अहिरवार और भूरा का भतीजा में से शेष बचे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि शहर की फिजा बिगाडऩे वाले इन गुंडों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
एक नजऱ : क्या था पूरा मामला?
- घटना : मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे चामुंडा चौराहे पर सतीश बिल्लौरे पर हमला।
- क्रूरता : 7-8 बदमाशों ने चाकू, डंडे और पाइप से सतीश को लहूलुहान कर दिया था।
- वजह : किन्नर समाज के दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई।
- पुलिस कार्रवाई : अपराध दर्ज कर हत्या के प्रयास की धाराएं लगाई गई हैं।
किन्नर समाज और नागरिकों में आक्रोश
हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से ही शहरवासियों में असुरक्षा का भाव है। हालांकि, तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
इनका कहना है
हमने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपियों के लिए टीमें रवाना हैं, जल्द ही सभी अपराधी जेल की सलाखों के पीछे होंगे। शहर में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौरव बुंदेला, टीआई










