---Advertisement---

Christmas EVE: क्रिसमस से पहले आज मनेगा ”क्रिसमस ईव”, जानिए क्यों मनाया जाता है

By
Last updated:
Follow Us

इटारसी। 25 दिसंबर को पूरी दुनिया में प्रभु इशू का जन्मदिवस बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन क्रिसमस से ठीक एक दिन पहले क्रिसमस ईव का त्योहार भी ईसाई परिवार द्वारा जोरो शोरो से मनाया जाता है। इतना ही क्रिसमस केवल एक दिन बल्कि 12 दिनों तक मनाने का त्योहार है। इस त्यौहार को प्रभु ईसा मसीह यानि यीशु के जन्मदिन के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। क्रिसमस के आने से पहले ही इसके लिए घरों को सजाने-संवारने का काम शुरू हो जाता है। इसे क्रिसमस डे भी कहा जाता है।

क्या होता है क्रिसमस ईव
क्रिसमस 24 दिसंबर की रात से ही शुरू हो जाते हैं। जिसे क्रिसमस ईव (Christmas Eve) भी कहा जाता है। क्रिसमस ईव (Christmas Eve) की रात को युवाओं की टोली जिन्हें कैरल्स कहा जाता है। ईसा मसीह के जन्म से जुड़े गीतों को घर-घर जाकर गाते हैं। इसके साथ ही क्रिसमस ईव (Christmas Eve) की रात चर्च(गिरिजाघरों) में प्रभु यीशु के जन्म की कहानी को दर्शाने वाली झांकियां भी सजाई जाती हैं।

12 दिनों तक मनाया जाता है
क्रिसमस जिस तरह हमारे देश में दीवाली का त्यौहार 5 दिन तक मनाया जाता है। उसी तरह क्रिसमस (Christmas) का त्योहार भी 1 या 2 दिन नहीं, बल्कि पूरे 12 दिनों तक मनाया जाता है। 25 दिसंबर (25 December) को क्रिश्चियन(ईसाई) धर्म के लोग इस दिन को ईसा मसीह के जन्म दिवस के रूप में मनाते हैं। जबकि 26 दिसंबर को ‘बॉक्सिंग डे’ (Boxing Day) या ‘सेंट स्टीफन डे’ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन सेंट स्टीफन वो पहले ऐसे शख्स थे, जिन्होंने ईसाई धर्म के लिए अपनी जीवन की कुर्बानी दी थी।

27 दिसंबर को क्रिसमस (Christmas) का तीसरा दिन सेंट जॉन को समर्पित होता है। सेंट जॉन ईसा मसीह के सहायक और मित्र थे। जिसकी वजह से इस दिन उन्हें याद किया जाता है।

28 दिसंबर को से जुड़ी मान्यता के मुताबिक किंग हीरोद ने ईसा मसीह को ढूंढते समय कई मासूम लोगों को कत्ल कर दिया था। इस दिन उन्हीं मासूम लोगों को याद कर उनके लिए प्रार्थना की जाती है।

क्रिसमस(Christmas) के पाचंवे दिन यानि 29 दिसंबर को सेंट थॉमस को समर्पित किया गया है। सेंट थॉमस, 12वीं सदी में चर्च पर राजा के अधिकार को चुनौती देने पर उन्हें 29 दिसंबर को कत्ल कर दिया गया था. इस दिन क्रिश्चियन समुदाय के लोग उन्हें याद करते हैं।

30 दिसंबर को क्रिश्चियन समुदाय के लोग सेंट ईगविन ऑफ वर्सेस्टर को याद करते हैं। इसके बाद 31 दिसंबर को पोप सिलवेस्टर डे या न्यू ईयर इव के रूप में मनाया जाता है।

31 दिसंबर को पहली बार पोप सिलवेस्टर ने ही न्यू ईयर इव मनाने की शुरूआत की थी,इसलिए तभी से कई यूरोपियन देशों में न्यू ईयर इव सेलिब्रेट किया जाता है। ब्रिटेन में इस दिन को पारंपरिक रूप से गेम्स और खेल-कूद आयोजित किए जाते हैं।

1 जनवरी,क्रिसमस (Christmas) के आठवां दिन मदर मैरी यानि ईसा मसीह की मां को समर्पित किया जाता है।

नौवें दिन यानि 2 जनवरी का दिन चौथी सदी के सबसे पहले ईसाई ‘सेंट बसिल द ग्रेट’ और ‘सेंट ग्रेगरी नाजियाजेन’ को याद किया जाता है।

3 जनवरी को क्रिसमस (Christmas) के दसवें दिन को ईसा मसीह के नामकरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। क्रिश्चियन(ईसाई) धर्म के लोगों की मान्यता है कि इस दिन ईसा मसीह का नाम रखा गया था।

जबकि 4 जनवरी को 18वीं और 19वीं सदी की सेंट एलिजाबेथ अमेरिका की पहली महिला संत की याद में मनाया जाता है।

5 जनवरी यानि क्रिसमस (Christmas) त्यौहार के आखिरी और बारवें दिन अमेरिका के पहले बीशप सेंट जॉन न्यूमन को समर्पित किया गया है। इस दिन को ‘एपीफेनी’ भी कहा जाता है।

25 दिसंबर क्रिसमस (Christmas) की रात से ही ‘हैप्पी क्रिसमस-मैरी क्रिसमस’ से शुरू होने वाला बधाइयों का सिलसिला 5 जनवरी तक लगातार चलता रहता है। माना जाता है इन 12 दिनों में सांता बच्चों को उनके मनपसंद गिफ्ट देते हैं और दूसरों के जीवन में खुशियों भरने का संदेश देते हैं।

For Feedback - info[@]narmadanchal.com
Join Our WhatsApp Channel

Leave a Comment

error: Content is protected !!
Narmadanchal News
Privacy Overview

This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.