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चुनाव संदर्भ : जिस तरह चाहो बजाओ, हम झुनझुने हैं…

चुनाव संदर्भ : जिस तरह चाहो बजाओ, हम झुनझुने हैं…

राजधानी से : पंकज पटेरिया-
राजधानी में विरोध की हुई थोड़ी सी आतिशबाजी,अपराधी छवि वाले लोगों को दी गई टिकिट की, रद्द करने के बाद खत्म हो गई। राजधानी और इंदौर में इस तरह की गूंजे अनुगूंज के बाद त्रिस्तरीय चुनाव की सरगर्मियां तेज होने लगी है। तो राजधानी में कहीं लोगों ने अधिकाधिक मतदान करने की अपील की है, तो कहीं मूलभूत सुविधाओं के अभाव में रहवासियों में गुस्सा भी फूट रहा है।
एक वार्ड में निवासियों ने वार्ड के अन्य लोगों के साथ रोड नहीं तो वोट नहीं नारा बुलंद किया है। हाथों में तख्ती लेकर प्रदर्शन किया गया। इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि नगरीय चुनाव अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का सेमी फाइनल है। लिहाजा कोई कसर ना छोड़ी जाए। एकजुटता के साथ चुनावी दायित्व संभाला जाए। उन्होंने कहा निकाय चुनाव के नतीजे विधायक और टिकट के दावेदारों के रिपोर्ट कार्ड बनेंगे। इसी पर सब दारोमदार रहेगा। लिहाजा किसी तरह की कोर कसर आपकी भूमिका में रहनी नहीं चाहिए। विभिन्न जनहित सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते प्रदेश की सारी व्यवस्था देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जनसंवाद कर बेहतरीन वातावरण भाजपा के पक्ष में बनाने में लगे हैं।
उन्होंने श्री बीड़ी शर्मा साथ महाकाल जी की पूजा प्रचार का शंखनाद कर दिया। पार्टी की जनकल्याणकारी विभिन्न योजनाएं से लाभान्वित और प्रभावित हुए लोग, जाहिर है अपना मन पहले से ही भाजपा के पक्ष में बना चुके हैं। शिवराज जी का करिश्माई व्यक्तित्व इस बार भी अपना जादू दिखाकर विजय पताका फहरा दे तो हैरानी नहीं।
यूं मुकाबला सीधा है। भोपाल महापौर के चुनाव समर में उत्तरी दोनों भाभी यथा श्रीमती मालती राय और श्रीमती विभा पटेल मतदाताओं के मन और मर्म स्थल को प्रभावित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। डगर टेढ़ी है, मशक्कत भी करना पड़ेगी। पर भाई साहब यह पब्लिक है सब जानती है। और भोपाल के अपने वाशिंदे बहुत समझदार हैं। उन्हें किसी मैग्नीफाई गिलास से देख परख की जरूरत नहीं है।
प्रत्यक्ष को प्रमाण की जरूरत नहीं, फैसला सोच समझ कर लेते हैं। सुन ते सब की, कर ते मनकी। लिहाजा किसी गपशप में नहीं रहना चाहिए। बरहाल भारतीय जनता पार्टी अपनी अपनी गाइडलाइन पर चलने की भरसक कोशिश कर रही है। शक्ति के साथ, अनजाने कहीं कोई चूक हुई है तो तत्काल सुधारने में देर नहीं की गई। इंदौर भोपाल इसके उदाहरण है। कुल जमा चुनावी माहौल में खासी गर्माहट है। सीएम शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी डी शर्मा अन्य सभी नेता चुनाव प्रचार में प्राण प्रण से डटे है। तो उधर कांग्रेस के दिग्गज नेता लामबंद हुए मोर्चा जमाए।
रानी कमलापति स्टेशन के पास रुके चार यार एक शेर दुष्यंत कुमार का दोहरहा रहे थे जिस तरह चाहो बजाओ सभा में, हम नहीं हैं आदमी, हम झुनझुने है। यह ठीक है किसी तरह हद तक आदमी झुनझुना हो जाता है लेकिन आज वह अपनी कीमत जानता है। हर हाथों को बजाने का मौका नहीं देता, जो उसे संभालता है वह उसके के हाथों में मस्ती से मोहक धुन में बजता है।
नर्मदे हर।

पंकज पटेरिया
वरिष्ठ पत्रकार साहित्यकार
ज्योतिष सलाहकार, भोपाल
9340244352 ,9407505651

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