नर्मदापुरम। जब अपनी गाढ़ी कमाई इलाज के नाम पर जबरन वसूल ली जाए, तो गरीब बेबस हो जाता है। लेकिन नर्मदापुरम में ऐसा नहीं हुआ। जिला प्रशासन के एक ‘क्विक एक्शन’ ने न सिर्फ एक निजी अस्पताल की मनमानी पर ब्रेक लगाया, बल्कि गरीब मजदूरों की जेब से गए पैसे भी वापस दिलवाए। कलेक्टर सोमेश मिश्रा के कड़े रुख के बाद, शहर के अनंता अस्पताल को छह गरीब मजदूरों से इलाज के नाम पर वसूली गई करीब 60 हजार रुपए की राशि हाथ के हाथ लौटानी पड़ी।
हादसा, मजबूरी और फिर वसूली
ये पूरी कहानी शुरू होती है तेंदूपत्ता तोडऩे वाले कुछ सीधे-साधे मजदूरों से। रोज़ की तरह वे काम पर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में एक सड़क हादसे का शिकार हो गए। किसी की सलाह पर वे आनन-फानन में अनंता अस्पताल में भर्ती हो गए। अस्पताल प्रबंधन ने मौका देखकर उनसे मोटी रकम वसूल ली। जब मजदूरों को लगा कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है, तो उन्होंने सीधे कलेक्टर कार्यालय की चौखट खटखटाई और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
डिप्टी कलेक्टर की ‘स्पॉट एंट्री’
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत स्वास्थ्य प्रभारी और डिप्टी कलेक्टर डॉ. बबीता राठौर को जांच के आदेश दिए। आदेश मिलते ही डॉ. बबीता राठौर बिना वक्त गंवाए सीधे अनंता अस्पताल पहुंच गईं। प्रशासन के इस तेवर को देख अस्पताल प्रबंधन के हाथ-पैर फूल गए। डिप्टी कलेक्टर ने अस्पताल के ‘बिलिंग सिस्टम’ और इलाज के नाम पर ली गई रकम की स्क्रूटनी की और साफ लहजे में पैसे लौटाने को कहा।
जानिए किस मजदूर को कितनी रकम वापस मिली
प्रशासन के कड़े हस्तक्षेप के बाद अस्पताल ने सभी छह मजदूरों के पैसे लौटाए। इसमें रघुवीर लोधी को सबसे ज्यादा 20 हजार रुपए वापस मिले। इसके अलावा प्रमोद सेन को 9,300 रुपए, हीरा लोधी को 9,200 रुपए, रामाजा सेन को 7,000 रुपए, सुशांत लोधी को 6,650 रुपए और मेघराज को 5,000 रुपए की राशि वापस की गई।
अब ‘फ्री’ में होगा इलाज
पैसे वापस दिलाने के साथ ही कलेक्टर श्री मिश्रा ने सख्त हिदायत दी है कि इन सभी घायल मजदूरों का आगे का पूरा इलाज पीएम राहत योजना के तहत मुफ्त में किया जाए। अपनी डूबी हुई रकम को वापस पाकर मजदूरों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने कलेक्टर और जिला प्रशासन के इस त्वरित और संवेदनशील कदम के लिए दिल से आभार व्यक्त किया है। प्रशासन के इस एक्शन ने साफ संदेश दे दिया है कि गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।











