इटारसी। ग्राम सोमनलवाड़ा कलॉ में वन्यजीव प्रेम और मानवता की एक बेहद खूबसूरत मिसाल सामने आई है। तीन दिन पहले रात में आए तेज आंधी-तूफान और बारिश के दौरान रास्ता भटके विलुप्त प्रजाति के बाज के दो बच्चे स्थानीय किसान दिनेश राजपूत के घर के अंदर आ गए थे।
किसान दिनेश राजपूत ने संवेदनशीलता दिखाते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित पिंजरे में रखा और उनके दाना-पानी की व्यवस्था की। इसके बाद उनके बड़े भाई व ग्राम पंचायत पीपलढाना के सचिव मनीष राजपूत ने मामले की सूचना तुरंत वन विभाग को दी। सूचना पाकर वन अमला गांव पहुंचा और बाज के बच्चों को अपने संरक्षण में लेकर सुरक्षित घने जंगल में छोड़ दिया।
पहले हिरण की भी बचा चुके हैं जान
ग्रामीणों ने बताया कि दिनेश राजपूत इससे पूर्व भी एक घायल हिरण का सफल रेस्क्यू कर उसे वन विभाग को सौंप चुके हैं। उनके इस जीव संरक्षण और स्नेह की क्षेत्र में भूरी-भूरी प्रशंसा हो रही है। इस सराहनीय कार्य पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री राजपूत ने कहा कि ‘घट-घट में ईश्वर का वास है, यह सब तो वही हमसे करवा रहा है।’










