इटारसी। जून का महीना खत्म होने को है, लेकिन नर्मदापुरम जिले सहित इटारसी के लोगों को जिस झमाझम मानसूनी बारिश का इंतजार था, वह फिलहाल थमता नजर आ रहा है। आसमान में बादलों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन मानसूनी हवाओं की सुस्ती के कारण ऐसा लग रहा है मानो मानसून जिला मुख्यालय और आसपास के अंचल से रूठ गया हो। दिनभर तेज उमस और चिपचिपी गर्मी ने नागरिकों और विशेषकर किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
क्यों रूठा मानसून? (मौसम की वर्तमान स्थिति)
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में दस्तक दे चुका है और इसकी उत्तरी सीमा इंदौर, मंडला से होकर गुजर रही है। हालांकि, नर्मदापुरम और इटारसी क्षेत्र में वर्तमान में कोई मजबूत वेदर सिस्टम एक्टिव नहीं होने के कारण बारिश का बड़ा दौर रुक गया है। स्थानीय स्तर पर केवल गरज-चमक की स्थिति बन रही है, जो बड़े पैमाने पर राहत देने के लिए काफी नहीं है।
तापमान का हाल : अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
उमस का असर : हवा में नमी का स्तर 85 से 90 प्रतिशत तक पहुंचने के कारण लोग पसीने और उमस से बेहाल हैं।
क्या कहता है आईएमडी का आगामी 5 दिनों का अनुमान?
मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, वेस्ट मध्य प्रदेश जिसमें नर्मदापुरम जिला शामिल है, में अगले 48 घंटों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने की संभावना है। हालांकि, राहत की बात यह है कि मानसून पूरी तरह से थमा नहीं है, बल्कि यह धीरे-धीरे आगे बढऩे के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहा है।
संभावित मौसम
- 29 जून को आसमान में मुख्य रूप से बादल छाए रहेंगे, गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पडऩे की संभावना।
- 30 जून को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, धूल भरी आंधी या गरज-चमक के साथ बिजली चमकने की आशंका।
- 01 जुलाई को बादलों की गडग़ड़ाहट के साथ हल्की से मध्यम वर्षा के आसार।
- 02-03 जुलाई को झमाझम बारिश के संकेत हैं। ओवरकास्ट (घने बादल) की स्थिति बनेगी। मध्यम से भारी बारिश का नया दौर शुरू होने की प्रबल संभावना।
आईएमडी का अलर्ट : मौसम विभाग ने आगामी दिनों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी किया है।
किसानों के लिए कृषि मौसम सलाह
बारिश की इस देरी को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों और मौसम विभाग ने जिले के किसानों को विशेष सलाह दी है कि जिन किसानों ने बोनी कर दी है, वे खेतों में जलभराव न होने दें और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें। कीटनाशकों के छिड़काव या यूरिया की टॉप ड्रेसिंग को अभी कुछ दिनों के लिए टालें, जब तक कि नियमित बारिश शुरू नहीं हो जाती। खेतों में काम करते समय यदि आसमान में बिजली कड़कने की आवाज सुनाई दे, तो तुरंत खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के पास से हटकर सुरक्षित पक्के स्थानों पर शरण लें। अनुमान है कि जुलाई के पहले सप्ताह की शुरुआत (2-3 जुलाई) से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के मजबूत होने के बाद इटारसी और नर्मदापुरम में मानसून एक बार फिर अपनी रफ्तार पकड़ेगा और रूठे हुए बादल जमकर बरसेंगे।









