इटारसी। शहर की बदहाल बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ सोमवार को नगर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मयूर जायसवाल के नेतृत्व में कांग्रेस ने एक बड़ा और उग्र प्रदर्शन किया। लगभग डेढ़ घंटे तक चले इस आंदोलन के दौरान सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शहर में रैली निकाली और नगर पालिका में तालाबंदी के लिए निकले। सभी को एसबीआई चौराहे पर ही बैरीकेडिंग करके रोक दिया गया।
चिकमगलूर चौराहा से एसबीआई चौराहे तक गरजी कांग्रेस

आंदोलन की शुरुआत लाइन पहली से हुई। मयूर जायसवाल के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता, पदाधिकारी, युवा और महिला विंग के सदस्य नारेबाजी करते हुए चिकमगलूर चौराहा और ऑडिटोरियम रोड होते हुए एसबीआई चौराहे की ओर बढ़े। रैली में 300 से 400 से अधिक लोग शामिल थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने एसडीओपी वीरेंद्र मिश्र और टीआई सौरभ पांडे के नेतृत्व में पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर रैली को आगे बढऩे से रोका, जिससे आक्रोशित प्रदर्शनकारी सड़क पर ही बैठ गए और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
अल्टीमेटम : 15 मिनट में आएं, नहीं तो नगर पालिका में ठोकेंगे ताला
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व नगर अध्यक्ष मयूर जायसवाल ने तीखे तेवर दिखाते हुए प्रशासन को खुली चेतावनी दी। उन्होंने कहा इटारसी की जनता पीने के पानी, टूटी सड़कों और गंदगी से बेहाल है। अगर एसडीएम या नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी 15 मिनट के भीतर मौके पर आकर हमारी मांगें नहीं सुनते हैं, तो हम नगर पालिका दफ्तरों में तालाबंदी करने पर मजबूर होंगे।
मयूर जायसवाल ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि उन्होंने प्रशासन को पर्याप्त समय दिया था, लेकिन उनकी चुप्पी के कारण यह कदम उठाना पड़ा। यदि 1 महीने के भीतर जनता से जुड़ी इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो इससे भी उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ये हैं आंदोलन की 5 प्रमुख मांगें और शिकायतें
- सड़कों की दयनीय हालत और भ्रष्टाचार : शहर की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कायाकल्प जैसी योजनाओं में करोड़ों की अनियमितता और भ्रष्टाचार हुआ है, जिसकी जांच कर दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई हो।
- गंभीर पेयजल संकट : कई वार्डों में नल नियमित नहीं आ रहे हैं और लोग टैंकरों के भरोसे हैं। व्यवस्थित पेयजल आपूर्ति तुरंत बहाल की जाए।
- नालियों के बीच से गुजरती पाइपलाइन : शहर में कई जगह पानी की पाइपलाइनें गंदी नालियों के भीतर से गुजर रही हैं, जिससे दूषित पानी और संक्रमण का खतरा है। इन्हें तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए।
- टैक्स वसूली में मनमानी : बाजार क्षेत्रों में नगर पालिका द्वारा बिना किसी उचित कारण के व्यावसायिक करों में भारी बढ़ोतरी की गई है। दुकानदारों के हित में इस मनमाने टैक्स को तत्काल निरस्त किया जाए।
- ध्वस्त सफाई व्यवस्था : वार्डों में कचरे के ढेर लगे हैं और सफाई कर्मी समय पर नहीं आ रहे हैं। सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाया जाए।
पुलिस मुस्तैद, नपा प्रशासन ने साधी चुप्पी
मामले पर जानकारी देते हुए एसडीओपी वीरेंद्र मिश्र और टीआई सौरभ पांडे ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग की गई थी और कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। दूसरी ओर, इस पूरे उग्र प्रदर्शन और चक्काजाम को लेकर नगर पालिका प्रशासन की तरफ से अध्यक्ष पंकज चौरे ने इसे केवल राजनीतिक स्टंट करार दिया और कहा कि नगर पालिका चुनाव के लिए तैयारी के तहत यह प्रोपेगंडा किया जा रहा है, जबकि नगर पालिका हर क्षेत्र में काम कर रही है, इनके मंसूबे जनता पूरे नहीं होने देगी।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मयूर जैसवाल ने कहा कि भ्रष्टाचार चरम पर है, केन्द्र से लेकर नगर पालिका तक भाजपा का राज है, इनके मन से डर खत्म हो गया है, मनमानी चल रही है। हमारी सरकार आयी और तब भी ऐसा ही विकास में लापरवाही हुई हम तब भी आंदोलन करके सत्ता को चेताएंगे। आज एसडीएम को ज्ञापन दिया है, उन्होंने कल बात करने बुलाया है, हमारी मांगें नहीं मानी गई तो और उग्र आंदोलन किया जाएगा।











