इटारसी। सोनासांवरी रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन रोड ओवरब्रिज का निर्माण अधर में है। जिस तेजी की उम्मीद की जा रही थी, उसका यहां पूर्णत: अभाव दिख रहा है। तीसरी भुजा बनेगी, नहीं बनेगी? इस सवाल का जवाब फिलहाल नहीं मिल रहा है, केवल दावे हैं। बनेगी तो कहां से बनेगी, इस पर फिलहाल कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। अब न्यास कॉलोनी की पार्षद ने इस मामले में एंट्री ली है और आमजन की परेशानी बताते हुए आंदोलन तक की चेतावनी दे दी है।
बता दें कि मध्यप्रदेश के इटारसी में सोनासांवरी रेलवे गेट पर ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। ब्रिज से सोनासांवरी सहित आसपास के दर्जनों गांवों का बिना बाधा हाईवे से सीधा संपर्क जुड़ सकेगा। ब्रिज नहीं होने से घंटों गेट बंद रहता था और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। ब्रिज का रेलवे पटरी के ऊपर वाले हिस्से में रेलवे ब्रिज बना रही है। बाकी दोनों छोर पर निर्माण के लिए पिलर खड़े किए जा रहे हैं। रेलवे गेट के पास ब्रिज के पिलर खड़े हो गए हैं।
पार्षद श्रीमती अमृता मनीष ठाकुर का कहना है कि यातायात के लिहाज से यह ब्रिज महत्वपूर्ण है। ओवरब्रिज का निर्माण कार्य लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। ब्रिज की तीसरी लाइन कहां और कैसे उतरेगी, इसका आज तक कोई अता-पता नहीं है। इस अनिश्चितता के कारण न सिर्फ न्यास कॉलोनी बल्कि उससे जुड़े अनेकों गांव भी हाइवे से जुडऩे के अवसर से वंचित हो रहे हैं।
पार्षद अमृता ठाकुर ने कहा कि इस ब्रिज का पूरा होना केवल आवागमन की सुविधा भर नहीं है, बल्कि यह न्यास क्षेत्र के आर्थिक विकास और भविष्य की कुंजी है। यदि यह मार्ग पूर्ण हो जाता है तो न्यास कॉलोनी सीधे हाइवे से जुड़कर व्यापार, शिक्षा और रोजग़ार के नए अवसर प्राप्त कर सकती है। लेकिन वर्तमान हालात में कॉलोनी और ग्रामीण अंचल के लोग विकास की मुख्यधारा से कटे हुए हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि सोमवार को वह अनुविभागीय अधिकारी राजस्व इटारसी के माध्यम से कलेक्टर एवं मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण मंत्री को इस विषय पर ज्ञापन सौंपेंगी। अमृता ठाकुर ने स्पष्ट कहा कि यदि इस मामले पर शीघ्र और सार्थक उत्तर प्राप्त नहीं होता है, तो इटारसी शहरवासी अपने अधिकारों की लड़ाई में सड़क पर उतरकर धरना देंगे। पार्षद अमृता ठाकुर ने अपील की है कि शासन-प्रशासन इस अधूरे ओवरब्रिज के निर्माण को प्राथमिकता देकर शीघ्र पूरा करवाए, क्योंकि यह केवल एक पुल नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की तरक्की और आने वाली पीढिय़ों का भविष्य है।
गांवों और शहर को फायदा
सोनासांवरी रेलवे फाटक पर बहुप्रतीक्षित ओव्हर ब्रिज निर्माण से करीब दो दर्जन गांव रेलवे क्रासिंग पर बिना रूके सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग पहुंच सकेंगे। प्रथम चरण में रेलवे यहां 20 करोड़ रुपये की लागत से 72 मीटर बोस्ट रिंग गर्डर ब्रिज का निर्माण करा रही है। राज्य सरकार की भागीदारी में यहां तीनों साइड 300-300 मीटर लंबे एप्रोच रोड का निर्माण कार्य ब्रिज की प्रथम डिजाइन में होना था। फिर यह मामला सामने आया कि तीसरी भुजा नहीं बनेगी। यहीं से विवाद प्रारंभ हुआ। विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा इसके लिए प्रभारी मंत्री और रेलवे के आला अधिकारियों से पत्राचार कर चुके हैं। उनको तीसरी भुजा का आश्वासन भी मिला है, लेकिन फिलहाल कब तक यह हो सकेगा, यह भविष्य की गर्त में दबा है।
जाम से मिलेगी राहत
करीब दो दर्जन ग्रामीण क्षेत्र की आबादी, अपनी उपज लेकर मंडी जाने वाले किसानों एवं शहरी आबादी को राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंचने के लिए बार-बार गेट बंद होने पर समस्या होती है। ब्रिज तैयार होने से ट्रेफिक डायवर्ट होगा, साथ ही इस क्षेत्र की तरक्की का रास्ता खुलेगा।
ऐसा था पहला डिजाइन
राष्ट्रीय राजमार्ग पर अग्रवाल पेट्रोल पंप से शुरू होकर ब्रिज सोनासांवरी गांव तक उतरना था। यदि तीसरी भुजा पुरानी डिजाइन पर ही बनी तो यह शहर का दूसरा टी आकार का ब्रिज होगा, जिसका एक रास्ता न्यास बायपास, दूसरा सोनासांवरी गांव एवं तीसरा राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ेगा।








