इटारसी। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और मनमाने तरीके से वाहन चलाने वालों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ान मंगलवार सुबह इटारसी में प्रशासन का बड़ा चाबुक चला। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जिला नर्मदापुरम के सख्त निर्देशों पर सिटी थाने के सामने विशेष मोबाइल कोर्ट लगाया गया। सुबह-सुबह हुई इस औचक कार्रवाई से नियम तोडऩे वाले वाहन चालकों में भारी हड़कंप मच गया। कई लोग तो पुलिस और कोर्ट की टीम को देखकर चालान से बचने के लिए अपनी गाडिय़ां गलियों में मोड़ते नजर आए।
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में 2 घंटे चला अभियान
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी यतिन अग्रवाल की प्रत्यक्ष मौजूदगी में सुबह 8 बजे से 10 बजे तक यह सघन चेकिंग अभियान चला। इस दौरान यातायात पुलिस, राजस्व विभाग और सिटी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने दोपहिया और चार पहिया वाहनों के दस्तावेज, ड्राइविंग लाइसेंस, हेलमेट और नंबर प्लेट की बारीकी से जांच की।
नगर पालिका के कचरा वाहन पर भी गिरी गाज
कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि नियम सबके लिए बराबर हैं। चेकिंग के दौरान नगर पालिका के एक कचरा वाहन पर नंबर प्लेट नहीं होने पर उसका भी चालान काटा गया। इसके अलावा, उन मनचलों पर भी सख्ती से नकेल कसी गई, जिन्होंने अपने वाहनों में नियम विरुद्ध मॉडिफिकेशन कर तेज और कर्कश आवाज वाले साइलेंसर लगा रखे थे। बिना हेलमेट और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के घूम रहे चालकों पर मौके पर ही जुर्माना ठोका गया।
59 वाहनों से वसूला 22 हजार से अधिक का जुर्माना

इस सख्त कार्रवाई में नियमों की अनदेखी करने वाले कुल 59 वाहन चालकों के खिलाफ चालान काटकर लगभग 22,400 रुपए का समन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया। इसमें से सचल न्यायालय ने 18 वाहनों पर सीधे कार्रवाई करते हुए 10,400 रुपए का जुर्माना किया, जबकि यातायात पुलिस ने अलग से 41 चालान बनाकर करीब 12,000 रुपए का अर्थदंड वसूला।
यह अधिकारी रहे मौजूद
कार्रवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट यतिन अग्रवाल के साथ नायब तहसीलदार कृष्णकांत उईके, सिटी थाने के एसआई विपिन पाल, यातायात प्रभारी महेंद्र सिंह बघेल सहित यातायात और सिटी थाना पुलिस का बल मुस्तैदी से तैनात रहा। अधिकारियों ने हिदायत दी है कि यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।










