नाबालिग से छेड़छाड़ और धमकाने वाले को 3 वर्ष का सक्षम कारावास

नाबालिग से छेड़छाड़ और धमकाने वाले को 3 वर्ष का सक्षम कारावास

होशंगाबाद। न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/ओएडब्ल्यू, जिला होशंगाबाद के न्यायालय ने आरोपी धम्मा उर्फ धर्मेंद्र पिता राजू कुचबंदिया, 24 वर्ष, निवासी आदमगढ़, बंगाली कालोनी, जिला होशंगाबाद को भारतीय दंड संहिता की धारा 452 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास व 500 रुपए का अर्थदंड, धारा 354 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रुपए अर्थदंड, धारा-7/8(पॉस्को), लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012, में 03 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 1000 रुपए के अर्थदंड एवं धारा 11/12 (पॉस्को) में 01 वर्ष का सश्रम कारवास व 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक लखन सिंह भवेदी, ने बताया कि 23 जून 20 को करीब दोपहर 1 बजे नाबालिग बालिका अपने घर पर अकेली थी, तभी आरोपी धम्मा कुचबंदिया घर के बाहर लगे लोहे के गेट को खोलकर घर के अंदर आ गया और बुरी नीयत से दाहिना हाथ पकड़कर, पीठ पर छूने की कोशिश करने लगा और बोला कि मैं तुझे उठाकर ले जाऊंगा और तुझसे शादी करूंगा। तभी अभियोक्त्रि चिल्लाई तो पापा-मम्मी अंदर वाले कमरे से बाहर आ गए। आरोपी उन्हें देख कर भाग गया और बोला, अगर थाने में रिपोर्ट की तो जान से खत्म कर दूंगा। आरोपी नाबालिग को करीब 1 साल से शादी करने के लिए परेशान कर रहा था, जिससे अभियोक्त्रि मानसिक रूप से प्रताडि़त थी, जिसकी रिपोर्ट अभियोक्त्रि द्वारा पुलिस को दी गयी। पुलिस ने आरोपी को पकड़ा एवं संपूर्ण विवेचना उपरान्त न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से अभियोजन घटना के अनुरूप साक्ष्य प्रस्तुत किये गए। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य से न्यायालय प्रमाणित पाकर आरोपी को दोषसिद्ध पाया गया। न्यायालय ने आरोपी को 03 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया।

CATEGORIES
Share This

COMMENTS

error: Content is protected !!