शादी का झांसा देकर किया दुष्कृत्य, हुआ सश्रम कारावास
Misbehaved with a minor on the pretext of marriage, rigorous imprisonment

शादी का झांसा देकर किया दुष्कृत्य, हुआ सश्रम कारावास

इटारसी। द्वितीय अपर न्यायाधीश सुश्री सविता जड़िया ने आज 07 मई 2022 को निर्णय पारित करते हुये करीब 6 वर्ष पूर्व शादी का झांसा देकर नाबालिक से रेप करने के एक आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
अभियुक्त रामविलास पिता मुंशीलाल मर्सकोले को अभियोक्त्री के साथ दुष्कर्म एवं अन्य अपराध का दोषी पाते हुये दंडित किया। पैरवीकर्ता अभियोजन अधिकारी एचएस यादव ने बताया कि थाना केसला में 28 मार्च 2016 को अभियोक्त्री द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि वह पढ़ी लिखी नहीं है। उसके निवास ग्राम में करीब 4-5 माह पहले अभियुक्त रामविलास से मोबाईल पर बात हुयी अभियुक्त ने उससे कहा कि वह उससे शादी करना चाहता है। दीपावली के दिन 11 नवंबर 2015 को अभियुक्त रामविलास तथा उसका जीजा राजेन्द्र चीचाम ग्राम साधपुरा और अभियोक्त्री को फोन करके साधपुरा बुलाया। रामविलास ने उसे शादी करने के लिये बहला फुसलाकर राजेन्द्र चीचाम के साथ सायकल पर बैठाकर उसके ग्राम खोदरी ले गया जहां अभियोक्त्री की मर्जी के बिना उसके साथ बलात्कार किया और किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी। अभियुक्त रामविलास ने उसे 2 माह तक खोदरी में रखा जहां अभियोक्त्री को जानकारी मिली कि रामविलास पूर्व से ही शादीशुदा है।
इस संबंध में अभियोक्त्री ने रामविलास से पूछताछ की तो रामविलास उसे गांव में छोड़कर चला गया। अभियोक्त्री रामविलास को ढूंढ़ा किंतु वह नहीं मिला। उसके बाद अभियोक्त्री अपने गांव वापस आ गई जहां उसने घटना की जानकारी उसके पिता व बहन को दी।
पुलिस द्वारा अभियोक्त्री की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर धारा- 363,366,376(2)एन,506 भादवि धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में अभियोजन अधिकारी एचएस यादव द्वारा शासन की ओर से अभियोक्त्री एवं अन्य साक्षियों के कथन कराये गये एवं तर्क प्रस्तुत किये गये। न्यायालय द्वारा अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य को विश्‍वसनीय मानते हुये अभियुक्त रामविलास को दुष्कर्म करने के अपराध में दोषी पाते हुये 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2000 रुपए के अर्थदंड तथा रामविलास और उसके साथी अभियुक्त राजेन्द्र चीचाम को धारा- 366 भादवि के अंतर्गत 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500-500 रू. के अर्थदंड से दंडित किया।

CATEGORIES
Share This

COMMENTS

error: Content is protected !!