- पर्यावरण व वन्यजीव संरक्षण के लिए अलर्ट मोड पर रहेगा वन विभाग, सपेरों की धर-पकड़ के लिए टीमें सक्रिय
इटारसी। श्रावण माह के दूसरे पखवाड़े में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पावन पर्व अपार श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा। भगवान भोलेनाथ के गले में विराजित नाग देवता की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया जाएगा।
मंदिरों में उमड़ेगा आस्था का सैलाब
नाग पंचमी के अवसर पर सुबह से ही प्रमुख मंदिरों और शिवालयों में भक्तों का तांता देखने को मिलेगा। मान्यता है कि इस दिन नाग देवता का पूजन करने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं। श्रद्धालुओं द्वारा नाग देव को दूध, अक्षत, फूल और बेलपत्र अर्पित कर सुख-शांति की कामना की जाएगी। पर्व को लेकर स्थानीय मंदिरों में विशेष साफ-सफाई व साज-सज्जा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
वन्यजीव संरक्षण : वन विभाग की रहेगी पैनी नजर
एक ओर जहां मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रहेगी, वहीं दूसरी ओर वन्य जीवों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा को लेकर वन विभाग भी पूरी तरह सतर्क हो गया है।
- सपेरों की धर-पकड़ : नाग पंचमी के दौरान सपेरों द्वारा सांपों को पकडऩे और उन्हें प्रताडि़त करने की आशंका को देखते हुए वन विभाग की विशेष टीमें गठित की गई हैं।
- सघन चेकिंग अभियान : मंदिरों के आसपास, सार्वजनिक स्थलों और ग्रामीण इलाकों में वन कर्मियों की सक्रियता बढ़ाई है ताकि वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके।
वन विभाग ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे वन्य प्राणियों को नुकसान न पहुंचाएं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अपना योगदान दें।











