इटारसी। कला साहित्यिक सांस्कृतिक मंच और ग्राम पंचायत सोना सांवरी के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम सोना सांवरी में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में मौजूद रसिक श्रोताओं की उपस्थिति में यह कार्यक्रम देर रात 1:30 बजे तक चला, जिसमें ओज, हास्य, व्यंग्य और श्रृंगार रस की कविताओं ने समां बांध दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे, विशिष्ट अतिथि जनपद सदस्या वंदना सागोरिया, सरपंच सुषमा मलैया और कला मंच अध्यक्ष राजकुमार दुबे ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान मंचासीन अतिथियों द्वारा जिले के सुप्रसिद्ध गजलकार मदन बड़कुर ‘तन्हाई’ का शॉल-श्रीफल से नागरिक सम्मान किया गया। पंचायत प्रतिनिधियों और कला मंच के सदस्यों ने भी सभी आमंत्रित कवियों का पुष्पमालाओं और अंग वस्त्रों से स्वागत किया।
इन रचनाओं पर श्रोताओं ने की वाह-वाह
सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत करने वाले संचालक ब्रजकिशोर पटेल ने जब “चूड़ियों की तरह टूट जाती थी जो, आज दुश्मन से जमकर लड़ी बेटियां” पढ़ा, तो पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा।
कवियों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं
- ओज और राष्ट्रप्रेम: पवन प्रबल (पिपरिया) ने “कर्तव्यों के नाम बता कर चले गए, रामायण में राम बता कर चले गए” और प्रेम नारायण साहू (खरगोन) ने “जन्म दोबारा हो मेरा तो, भारत में ही आऊं” के जरिए देशभक्ति का जोश भरा।
- गीत और गज़ल: सुनील पांसे (बैतूल), माखन मालवीय (सिवनी मालवा), डॉ. सतीश शमी (पथरौटा) और मदन बड़कुर ‘तन्हाई’ (साकेत) ने अपनी गजलों और गीतों से जीवन और सियासत के यथार्थ को प्रस्तुत किया।
- हास्य-व्यंग्य: गोविंद शर्मा (बरेली) और सुनील तन्हा (करेली) ने अपनी हास्य और व्यंग्य से भरी रचनाओं से श्रोताओं को जमकर गुदगुदाया।

इस गरिमामयी आयोजन को सफल बनाने में उपसरपंच मोनू पंडित, पंचायत सचिव संतोष झिंझोरे, कपिल मालवीय, हर्ष केवट, दीपा मालवीय, राकेश बड़कुर और चंद्रकांत मेहरा सहित पंचायत व कला मंच के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।










