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सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ रवि योग में कर्ज मुक्ति उपाय

सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ रवि योग में कर्ज मुक्ति उपाय

प्रदोष काल (Pradosh Kaal) में पूजा शाम 06.29 मिनट से रात 08.53 मिनट तक
मंगलवार होने से श्री हनुमान मंदिरों में भी पूजा-पाठ होगी
इटारसी। मां चामुंडा दरबार भोपाल (Maa Chamunda Darbar Bhopal) के पुजारी पं. रामजीवन दुबे (Pt. Ramjeevan Dubey) ने बताया कि हर माह की त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव (Lord Shiva) को समर्पित होता है। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी मंगलवार 15 मार्च को है। इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने के साथ व्रत रखा जाएगा। मंगलवार के दिन पडऩे के कारण इसे मंगल प्रदोष व्रत या भौम प्रदोष के नाम से जाना जाता है। हनुमान मंदिरों में श्री हनुमान जी की पूजा-पाठ आरती प्रसाद विरतण रहेगा।

मान्यता है कि जो व्यक्ति भौम प्रदोष व्रत रखता है उसे कर्ज से छुटकारा मिलने के साथ रोगों से निजात मिलती है। इसके साथ ही जीवन में सुख,-समृद्धि, संतान आदि की प्राप्ति होती है। जानिए मंगल प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त पूजा विधि और व्रत कथा।
मंगल प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त
प्रदोष काल: 15 मार्च शाम 06 बजकर 29 मिनट से रात 08 बजकर 53 मिनट तक

मंगल प्रदोष व्रत पूजा विधि

15 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें। भगवान शिव का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प करें और दिनभर बिना अन्न ग्रहण किए व्रत रखें। शाम के समय स्नान के साथ सफेद रंग के वस्त्र धारण कर लें। ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा की ओर की थोड़ी सी जगह को साफ करके गंगाजल छिड़क दें। 5 रंगों के फूलों या फिर आपको जितने रंग मिलें उनसे रंगोली बनोर उसके ऊपर भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित कर दें। कुश बिछाकर बैठ जाएं और भगवान शिव की पूजा प्रारंभ करें। सबसे पहले गंगाजल, फिर पुष्प, बेलपत्र, धतूरा, चंदन, अक्षत आदि अर्पित करें। भोग में मिठाई अर्पित करते हुए जल चढ़ाएं। दीपक और धूप जला दें और फिर शिव चालीसा और कथा पढ़ें। विधिवत आरती कर लें और आपके गलतियों के लिए क्षमा मांग लें। आरती आदि करने के प्रसाद सभी को बांट दें। रात्रि 10: 29 से रवि योग, अभिषेक होगा।
भौम प्रदोष व्रत के दौरान पढ़ें ये मंगलकारी 21 नाम: 1. मंगल, 2. भूमिपुत्र, 3. ऋणहर्ता, 4. धनप्रदा, 5. स्थिरासन, 6. महाकाय, 7. सर्वकामार्थ साधक, 8. लोहित, 9. लोहिताक्ष, 10. सामगानंकृपाकर, 11. धरात्मज, 12. कुंजा, 13. भूमिजा, 14. भूमिनंदन, 15. अंगारक, 16. भौम, 17. यम, 18. सर्वरोगहारक, 19. वृष्टिकर्ता, 20. पापहर्ता, 21. सर्वकामफलदाता.
शुद्ध घी का चौमक दीपक जलाकर हनुमान चालीसा एवं सुंदर कांड का पाठ हनुमान जी के समक्ष करने से मनोकामना पूरी होगी।

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AUTHORRohit

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