इटारसी। भारी बारिश के मौजूदा मौसम में गरीब परिवारों के मकान तोड़े जाने की चल रही कार्रवाई का विरोध करते हुए बुधवार को मानवाधिकार विशेषज्ञ और जबलपुर हाईकोर्ट के अधिवक्ता सिद्धार्थ महेश आर्य के नेतृत्व में स्थानीय नागरिकों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी ऋतु मेहरा को एक ज्ञापन सौंपा।
नागरिकों ने मांग की है कि इस कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया जाए। ज्ञापन सौंपते हुए अधिवक्ता सिद्धार्थ महेश आर्य ने कहा, “विकास कार्य ज़रूरी हैं, लेकिन इसका खामियाजा गरीब परिवारों को खुले आसमान के नीचे रहकर नहीं भुगतना चाहिए। कई परिवारों ने कर्ज लेकर अपने घर बनाए हैं, और अचानक उन्हें तोड़ने से वे आर्थिक और सामाजिक संकट में फंस जाएंगे।”
उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जब तक बारिश का मौसम खत्म नहीं हो जाता, तब तक इस कार्रवाई को टाल दिया जाए और कोई न्यायपूर्ण समाधान निकाला जाए
ज्ञापन में रखी गईं प्रमुख मांगें
- मकानों का सीमांकन निष्पक्ष तरीके से किया जाए।
- सड़क और नाली चौड़ीकरण की योजना में कुछ संशोधन करके गरीब परिवारों के घरों को बचाया जाए।
- यह कार्रवाई बारिश खत्म होने के बाद ही की जाए, ताकि परिवार सुरक्षित रह सकें।
इस मौके पर बड़ी संख्या में प्रभावित महिलाएं और पुरुष भी मौजूद थे, जिन्होंने भावुक होकर अपने घरों को बचाने की गुहार लगाई।
नगर पालिका का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद नगर पालिका की CMO श्रीमती ऋतु मेहरा ने उन्हें आश्वस्त किया कि नगर पालिका नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मामले को देखेगी।








