इटारसी। “बिन पानी सब सून” की उक्ति को चरितार्थ करने और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने के उद्देश्य से सनाढ्य ब्राह्मण सभा ने समाज सेवा की एक नई अलख जगाई है। इंगल चाल स्थित श्री शंकर मंदिर के सत्संग सभागार में आयोजित सभा की मासिक बैठक में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसे ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर चर्चा के साथ ‘भगीरथ संकल्प’ लिया गया।
प्रेरक गीतों से हुआ वैचारिक मंथन का शुभारंभ
बैठक की शुरुआत अध्यक्ष महेश पाराशर की अध्यक्षता में हुई। कार्यक्रम का आगाज “इतनी शक्ति हमें देना दाता” जैसे प्रेरक सामूहिक गान से हुआ, जिसने पूरे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। इस अवसर पर सभा ने अपने सदस्यों—राजेश तिवारी, सुनील मिश्रा, एमपी शर्मा और महेश पाराशर—का जन्मदिन मनाकर उनके सुखद एवं दीर्घायु जीवन की मंगल कामना की।
सामाजिक और पर्यावरणीय दायित्वों पर बनी सहमति
बैठक में केवल चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि ठोस कार्ययोजनाओं पर सर्वसम्मति से मुहर भी लगाई गई।
- जल संरक्षण अभियान: जल संकट की गंभीरता को देखते हुए सभा ने तय किया है कि समाज के माध्यम से घर-घर जल बचाने का संदेश पहुंचाया जाएगा। सदस्यों ने कहा कि “पानी बचाना, भविष्य बचाना है।”
- हरित इटारसी – वृक्षारोपण: आगामी जून माह में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया, ताकि शहर के पर्यावरण को शुद्ध और हरा-भरा रखा जा सके।
- जातीय एकता का संदेश: सामाजिक जनगणना को लेकर भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसमें सहमति बनी कि जनगणना के दौरान केवल सरनेम (उपनाम) बताने के बजाय अपनी पहचान ‘ब्राह्मण’ के रूप में दर्ज कराएं, ताकि सामाजिक एकजुटता और मजबूती दिखाई दे।
इनकी रही सक्रिय सहभागिता
बैठक का कुशल संचालन राजकुमार दुबे ने किया, जबकि अंत में सभी का आभार चंद्रकांत शर्मा ने व्यक्त किया। इस वैचारिक बैठक में जयंत कुमार शर्मा, आशुतोष दुबे, जुगल किशोर शर्मा, प्रशांत चौबे, विनोद शर्मा, जीपी दीक्षित, राजेश तिवारी, सुनील उपाध्याय, देवेश भारद्वाज और सुनील दत्त मिश्रा सहित समाज के अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।











