सकारात्मक सोच की प्रवृत्ति व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम

सकारात्मक सोच की प्रवृत्ति व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम

– शासकीय महाविद्यालय सुखतवा में व्याख्यानमाला का आयोजन
इटारसी। शासकीय महाविद्यालय सुखतवा (Government College Sukhtawa) में विश्व बैंक परियोजना के तहत अकादमिक उत्कृष्टता गतिविधियों के अंतर्गत विशेषज्ञ व्याख्यानमाला में अतिथि डॉ.आरके विजय (Dr. RK Vijay), राज्य संपर्क अधिकारी उच्च शिक्षा मध्यप्रदेश शासन भोपाल (Bhopal) ने उक्त उद्गार व्यक्त किये।व्यक्तित्व विकास कैसे हो इस विषय पर संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अपनी जीवनशैली में परिवर्तन करना नितांत आवश्यक है। रोज कुछ नया करें इसके लिए हमें अपनी सोच का दायरा बढ़ाना चाहिए। व्यक्ति की सकारात्मक सोच उसके जीवन में आत्मविश्वास एवं आत्म सम्मान में वृद्धि करने में सहायक होती है।
मुख्य अतिथि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (Barkatullah University) कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनंतकुमार सक्सेना (Dr. Anantkumar Saxena) ने विद्यार्थियों से कहा कि अपने जीवन में लक्ष्य का निर्धारण करना अनिवार्य है। लक्ष्यविहीन व्यक्ति जीवन में परिश्रम तो करता है लेकिन उसको जीवन में सफलता मिलने में कठिनाई होती है। व्याख्यान माला में उपस्थित अन्य विद्वानों ने क्षेत्रीय कार्यालय भारत सरकार मध्यप्रदेश के युवाधिकारी डॉ. राजकुमार वर्मा (Dr. Rajkumar Verma) एवं बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के संपूर्ण परिक्षेत्र एवं मध्यप्रदेश में ही नहीं संपूर्ण देश में युवाओं के व्यक्तित्व विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निर्वहन कर रहे राहुल सिंह परिहार (Rahul Singh Parihar) ने सफलता के मूल मंत्र में व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न बिंदुओं जैसे अच्छा स्वास्थ्य, अनुशासन एवं चरित्र, निस्वार्थ एवं परस्पर सहयोग, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य ज्ञान, नागरिक कर्तव्यों का बोध, सामान्य साक्षरता, पर्यावरण सुधार, मितव्ययिता, परिवार नियोजन जैसे गंभीर मुद्दे, जो एक विद्यार्थियों को सफल नागरिक बनाने एवं राष्ट्रीय भावना से परिपूर्ण बनाने में सहायक सिद्ध होती है पर विद्यार्थियों के लिए विस्तृत प्रकाश डाला।
अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एलएन पाराशर (Principal Dr. LN Parashar) ने की। अतिथियों ने मां सरस्वती का पूजन किया। महाविद्यालय की छात्र सुश्री सुनिधि तिवारी (Sunidhi Tiwari) ने सरस्वती वंदना की। अतिथियों को प्रतीक चिन्ह कार्यक्रम प्रभारी शरद राय (Sharad Rai) ने भेंट किये। संचालन श्रीमती संध्या उपाध्याय (Mrs. Sandhya Upadhyay) एवं आभार सहायक प्राध्यापक डॉ.मंजु मालवीय (Dr. Manju Malviya) ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ.वेदप्रकाश भारद्वाज (Dr. Vedprakash Bhardwaj), डॉ.धीरज गुप्ता (Dr. Dhiraj Gupta), डॉ.हिमांशु चौरसिया (Dr. Himanshu Chaurasia), नीरज बिदुआ (Neeraj Bidua), राकेश अहिरवार (Rakesh Ahirwar) का सहयोग रहा।

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AUTHORRohit

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