चुनाव संदर्भ : दिलचस्प मुकाबला है भाभी और भाभी के बीच

चुनाव संदर्भ : दिलचस्प मुकाबला है भाभी और भाभी के बीच

राजधानी से : पंकज पटेरिया
लो साहब को कल इस अखबार नवीस ने राजधानी में महापौर के चयन को लेकर चल रहे जद्दोजहद में विनय की थी। जय जय जय हनुमान गोसाई कृपा करो गुरुदेव की नाई और लीजिए रामदूत हनुमान जी की शरण में आए लोगों की अर्जी कुबूल हुई। एक ही उदाहरण काफी है भारतीय जनता पार्टी से भोपाल महापौर के लिए अपने प्रत्याशी श्रीमति मालती राय की घोषणा कर दी। इसे हनुमान जी महाराज जी की महती कृपा मान मालती राय जिलाअध्यक्ष सुमित पचौरी और अपने अन्य समर्थकों के साथ सबसे पहले छोला में खेड़ापति हनुमान जी के दरबार में पहुंची और साष्टांग प्रणाम किया। फिर प्रदेश अध्यक्ष पंडित विष्णु दत्त शर्मा और मुख्यमंत्री शिवराज चौहान से मिली।
इधर विभा जी अपने समर्थकों के साथ हिरदाराम नगर में संत हिरदाराम की कुटिया में पहुंच कर उनकी समाधि पर मत्था टेक आशीर्वाद लिया।उनके उत्तराधिकारी संत से सिद्ध भाऊ ने आशीर्वाद दिया। दरअसल आत्मीय जन के बीच दोनों सुशिक्षित संस्कारवान विदुषी महिला भाभी जी संबोधन से ही बुलाई जाती है। लिहाजा यह कहने में कोई गुरेज नहीं की राजधानी भोपाल में महापौर का चुनाव भाभी और भाभी के बीच में ही है। यह तो वक्त बताएगा कौन सी भाभी जी भोपाल के महापौर बनेंगे। 3 दिन की चिंतन मनन मंथन के बाद नवनीत निष्कर्ष मालती राय के नाम के रूप में प्रकट हुआ।
झील की नगरी में अपने लोगों से मेरी मुलाकात के लिए जब प्रतिनिधि चौक में पहुंचा तो टकरा गए एक सहपाठी मित्र देखते ही बोले कवि बनाम पत्रकार जनाब आज कैसे ? मैंने जानना चाहा यार बीजेपी का नाम घोषणा में इतनी देर क्यों? उन्होंने विनोद शैली में मुझ पर मेरी गजल का एक शेर चस्पा कर दिया भाई, डिजाइन मत मारो सब जानते हो – पत्ते-पत्ते डोल रही है पन्ने पन्ने खोल रही है, चिड़ियों की चू चू चर्चाएं शहद में मिश्री घोल रही।
तो यह तो बहुत साफ है मुकाबला दमखम का है पार्टी का प्रभावी चेहरा व्यक्तिगत छवि, पीआर और जन साधारण तक पहुंच वे कारक पथीकाएं बनती है जो महापोर के मयूर सिहासन तक पहुंचने का लाल कालीन भी बिछाती है। भाजपा की मालती राय 30 साल से सक्रिय राजनीति में है। कई जवाबदार पद पर आसीन रही। मंत्री विश्वास सारंग की विधानसभा नरेला में पदाधिकारी भी हैं। विश्वास जी कि विश्वास पात्र होने की वजह से उनके प्रयास से ही महापौर की टिकट उन्हें प्राप्त हुई।
श्रीमती विभा पटेल अपनी पार्टी तीन दशकों से कांग्रेस द्वारा दी गई जवाबदारी को बखूबी निभाती रहीं हैं। पूर्व महापौर के रूप में भोपाल में अपनी सेवा दे चुकी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खेमे से मानी जाती है। पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल की वे भाभी हैं और राजकुमार भाई राजनीति में लाए थे। भोपाल की खूबसूरती में विकास और प्रगति के चार चांद लगाने की दावे दोनों के हैं। जाहिर है दोनों मातृशक्ति के बीच में महापौर के लिए खासी कशमकश और दिलचस्पी का मुकाबला होगा।
नर्मदे हर

पंकज पटेरिया
वरिष्ठ पत्रकार साहित्यकार
ज्योतिष सलाहकार
9340244352 ,9407505651

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