नर्मदापुरम/इटारसी। अगस्त का पहला पखवाड़ा बीतने को है, लेकिन जिले में इस साल मानसून की बेरुखी जारी है। आसमान में बादल तो छा रहे हैं, लेकिन झमाझम बारिश का इंतजार अब भी बना हुआ है। कम बारिश का सीधा असर संभाग के प्रमुख जलाशयों पर भी पड़ रहा है, जिनका बड़ा हिस्सा अब तक खाली है।
कार्यालय कलेक्टर (भू-संसाधन प्रबंधन) द्वारा 13 अगस्त 2026 को जारी दैनिक वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, जिले में इस साल बारिश का आंकड़ा पिछले साल की तुलना में काफी पीछे चल रहा है।
पिछले साल के मुकाबले 42 प्रतिशत कम बरसे बदरा
जिले की सामान्य औसत वर्षा 1370.5 मिलीमीटर (54.0 इंच) है।
- इस वर्ष 13 अगस्त तक जिले में औसत 527.6 मिलीमीटर वर्षा ही दर्ज की गई है। जबकि पिछले साल इसी अवधि तक जिले में 906.3 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी।
- आंकड़ों की तुलना करें तो इस वर्ष पिछले साल के मुकाबले अब तक 378.7 मिलीमीटर यानी लगभग 42 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वर्तमान में जिले में सामान्य कोटे की आधे से ज्यादा (लगभग 61.5 प्रतिशत) बारिश होना बाकी है।
प्यासे हैं जलाशय, जानिए कितना खाली है पेट
कैचमेंट एरिया में दमदार बारिश न होने के कारण जीवनदायिनी नर्मदा नदी और प्रमुख बांधों का जलस्तर अपने अधिकतम निशान से काफी नीचे है।
- तवा जलाशय : तवा डैम का अधिकतम जलस्तर 1166.00 फीट है, जबकि वर्तमान में यह 1139.30 फीट पर ही है। यानी अपनी पूर्ण क्षमता से तवा बांध का पेट अभी भी 26.70 फीट खाली है।
- बरगी जलाशय : बरगी डैम का अधिकतम स्तर 422.76 मीटर है, जबकि इसका वर्तमान जलस्तर 420.00 मीटर दर्ज किया गया है। यह अपने फुल टैंक लेवल से महज 2.76 मीटर खाली है।
- बारना जलाशय : बारना डैम का वर्तमान जलस्तर 346.67 मीटर है, जबकि इसका अधिकतम स्तर 348.55 मीटर है। यह बांध भरने से महज 1.88 मीटर दूर है।
खतरे के निशान से 17 फीट नीचे नर्मदा
नर्मदा नदी का सेठानी घाट पर वर्तमान जलस्तर 950.00 फीट दर्ज किया गया है। प्रशासन के अनुसार, यहां अलार्म स्तर 964.00 फीट और खतरे का जलस्तर 967.00 फीट है। फिलहाल जीवनदायिनी नर्मदा खतरे के निशान से 17 फीट नीचे शांत बह रही है। किसानों और आम जनजीवन को अब भी एक मजबूत मानसून सिस्टम के सक्रिय होने की उम्मीद है।










