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छुट्टियां निरस्त करने के बाद भी इटारसी मंडी में आवक सुस्त, लक्ष्य से रही काफी पीछे

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इटारसी। कृषि उपज मंडी में मार्च माह में पांच सरकारी छुट्टियां निरस्त कर नीलामी प्रक्रिया जारी रखी गई, इसके बावजूद आवक का ग्राफ नहीं बढ़ सका। मंडी सचिव प्रशांत पांडे के अनुसार, मार्च में कुल आवक का अनुमान 50 हजार क्विंटल था, लेकिन केवल 16,500 क्विंटल अनाज ही पहुंचा। इसका मुख्य कारण किसानों द्वारा बासमती के बजाय क्रांति धान की खेती करना रहा, जिसकी खरीदी सरकारी केंद्रों पर हुई। साथ ही मक्का की आवक बनापुरा मंडी की ओर डाइवर्ट होने से भी इटारसी मंडी के आंकड़ों पर असर पड़ा है।

 आवक के लक्ष्य से कोसों दूर रहा ग्राफ

 कृषि उपज मंडी में मार्च 2026 के दौरान आवक बढ़ाने और किसानों की सुविधा के लिए लगभग एक सप्ताह के सरकारी अवकाश निरस्त कर खरीदी कार्य किया गया। प्रशासन की इस कवायद के बावजूद मंडी में आवक का ग्राफ संतोषजनक नहीं रहा। मार्च माह में जहां 50 हजार क्विंटल आवक का अनुमान था, वहीं खबर लिखे जाने तक मात्र 16,500 क्विंटल अनाज ही मंडी पहुंचा, जो लक्ष्य का केवल 33% है।

आवक घटने के तीन प्रमुख कारण

  •   धान की किस्म में बदलाव: वर्ष 2025-26 में किसानों ने बासमती की जगह ‘क्रांति’ किस्म की धान को प्राथमिकता दी। क्रांति धान की खरीदी शासन के उपार्जन केंद्रों पर हुई, जिससे मंडी की आवक कम हो गई।
  •  बाहरी मंडियों का प्रभाव: स्थानीय व्यापारियों द्वारा करीब एक लाख क्विंटल अनाज टैक्स पेड कर बाहर की मंडियों से खरीदा गया, जिसका सीधा नुकसान इटारसी मंडी की आवक को हुआ।
  •  मक्का का डाइवर्जन: केसला और बैतूल क्षेत्र का मक्का, जो पहले इटारसी आता था, इस बार बनापुरा मंडी क्षेत्र में बिक गया।

मंडी सचिव प्रशांत पांडे ने बताया कि आवक बढ़ाने के लिए निगरानी दल द्वारा लगातार चौकसी की गई और छुट्टियां भी रद्द की गईं, ताकि किसानों को परेशानी न हो। हालांकि, फसल चक्र और उपार्जन केंद्रों की सक्रियता के कारण मंडी की आवक प्रभावित हुई है। आगामी समीक्षा बैठक में इस बात पर चर्चा होगी कि किसानों का रुझान बासमती से घटकर क्रांति धान की ओर क्यों बढ़ा।

इनका कहना है 

हमने किसानों की सुविधा के लिए मार्च के 5 अवकाश निरस्त कर मंडी खुली रखी। आवक बढ़ाने के हर संभव प्रयास किए गए और निगरानी दल सक्रिय रहा। मार्च में कुल 16,500 क्विंटल आवक रही, जबकि साल की कुल आवक अब तक 1,20,000 क्विंटल तक पहुंची है।

 — प्रशांत पांडे, सचिव, कृषि उपज मंडी इटारसी

Rohit Nage

रोहित नागे वरिष्ठ पत्रकार एवं समाचार संपादक हैं, जिन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता में स्नातक किया है तथा लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। अपने पत्रकारिता जीवन में उन्होंने दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, राज एक्सप्रेस, पीपुल्स समाचार, नवभारत सहित अनेक प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में रिपोर्टर, उप-संपादक, ब्यूरो प्रमुख एवं न्यूज़ इंचार्ज के रूप में कार्य किया है। वे Narmadanchal.com के रिपोर्टर, उप-संपादक, एवं न्यूज़ इंचार्ज के रूप में कार्य कर रहे हैं और नर्मदांचल क्षेत्र की निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय समाचारों पर विशेष रूप से लेखन एवं संपादन कार्य कर रहे हैं।

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