इटारसी/नर्मदापुरम। खेती-किसानी के इस सबसे व्यस्त सीजन में अन्नदाता एक बार फिर व्यवस्था की मार झेलने को मजबूर है। नर्मदापुरम जिले सहित इटारसी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बीते 24 घंटों से डीजल का गंभीर संकट गहरा गया है। एक तरफ खेतों में मूंग की फसल कटाई के लिए तैयार खड़ी है, तो दूसरी तरफ पेट्रोल पंप संचालकों के रवैये और प्रशासन की उदासीनता के चलते किसान बूंद-बूंद डीजल के लिए तरस रहे हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि शनिवार को नाराज किसानों ने नेशनल हाईवे पर ड्रम और कैन रखकर सांकेतिक चक्काजाम कर दिया।
50 फीसद मूंग की कटाई बाकी, खेतों में थमे ट्रैक्टरों के पहिए
वर्तमान समय में क्षेत्र के खेतों में मूंग की फसल पककर पूरी तरह तैयार है। किसानों के मुताबिक, अभी तक सिर्फ 50 प्रतिशत फसल की ही कटाई हो पाई है, जबकि आधी फसल अभी भी खेतों में खड़ी है। इसके तुरंत बाद आगामी धान की फसल के लिए खेतों को तैयार करना है। ऐसे नाजुक समय में डीजल न मिलने से खेतों में काम पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे फसलों के खराब होने का खतरा मंडराने लगा है।
पंप संचालकों की तानाशाही, स्टॉक होने के बाद भी मनाही!
किसानों का सीधा आरोप है कि पेट्रोल पंपों पर डीजल का पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद संचालक ब्लैक मार्केटिंग या अन्य वजहों से ईंधन देने में आनाकानी कर रहे हैं। खेड़ा स्थित एक पेट्रोल पंप पर शनिवार सुबह से ही डीजल खत्म होने का बोर्ड टांग दिया गया। रैसलपुर ओवरब्रिज के पास पंप पर सुबह 7 बजे से किसान ट्रैक्टर और कुप्पियां (कंटेनर) लेकर लाइन में लगे रहे, लेकिन दोपहर तक उन्हें डीजल नसीब नहीं हुआ। पंप प्रबंधन द्वारा किसानों को प्लास्टिक कंटेनरों (कुप्पियों) में डीजल देने से साफ मना किया जा रहा है, जिससे छोटे किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं।
कलेक्टर साहब से गुहार लगाई, पर सिर्फ आश्वासन मिला
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी और ग्राम ब्यावर निवासी उन्नत कृषक हेमंत शर्मा ने मौके से ही जिले के कलेक्टर सोमेश मिश्रा को फोन लगाकर इस गंभीर किल्लत से अवगत कराया। लेकिन हमेशा की तरह प्रशासन से सिर्फ व्यवस्था कराने का आश्वासन ही हाथ लगा। स्थानीय अधिकारियों ने तो फोन उठाना तक बंद कर दिया है, जिससे किसानों का आक्रोश और बढ़ गया।
सड़क पर कैन रखकर किया चक्काजाम, उग्र आंदोलन की चेतावनी
शनिवार सुबह जब खेड़ा क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर किसानों के सब्र का बांध टूटा, तो वे नर्मदापुरम मुख्य मार्ग पर उतर आए। किसानों ने सड़क पर अपने खाली ड्रम और कैन रखकर करीब आधे घंटे तक सांकेतिक चक्काजाम कर दिया। हाइवे पर वाहनों की कतारें लगते ही सिटी पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर जाम खुलवाया।
इसके बाद भी शहर के रेलवे स्टेशन के सामने वाले पंप और खेड़ा क्षेत्र में ट्रैक्टरों की लंबी-लंबी कतारें और हाहाकार की स्थिति जस की तस बनी हुई है। किसानों ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ घंटों में डीजल की सुचारू आपूर्ति शुरू नहीं हुई, तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।










