इटारसी। शहर में बुधवार को किसानों के हक में कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों और किसानों ने मिलकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिला किसान कांग्रेस के नेतृत्व में पुरानी इटारसी के आजाद चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोनों नेताओं की तस्वीरों वाला एक प्रतीकात्मक पुतला आग के हवाले कर दिया। पुतला दहन रोकने के लिए पुलिस बल मौके पर तैनात था, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की मौजूदगी में ही पुतले को फूंक दिया।
बाकी 75 फीसद फसल कौन खरीदेगा?
पुतला दहन के बाद किसान और कांग्रेस पदाधिकारी एक रैली के रूप में एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने तहसीलदार सुनीता साहनी को केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरकार के उस फैसले पर तीखी नाराजी जताइ है, जिसके तहत ग्रीष्मकालीन मूंग की केवल 25 प्रतिशत उपज ही समर्थन मूल्य पर खरीदने का नियम बनाया गया है। किसानों ने सीधा सवाल उठाया कि यदि सरकार सिर्फ 25 प्रतिशत फसल खरीदेगी, तो बाकी की 75 प्रतिशत फसल किसान कहां बेचेगा?
खुले बाजार में औने-पौने दाम पर बेचने की मजबूरी
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि इस समय मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,768 रुपए प्रति क्विंटल है, जबकि खुले बाजार में व्यापारियों द्वारा किसानों को महज 6,000 से 6,500 रुपए प्रति क्विंटल का भाव दिया जा रहा है। ऐसे में शेष 75 फीसदी उपज को कम दाम पर बेचने के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
इस प्रदर्शन में जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष विजय बाबू चौधरी, प्रदेश महासचिव राजकुमार उपाध्याय, वरिष्ठ नेता चंद्र गोपाल मलैया, नगर अध्यक्ष अखिलेश पटेल, उपाध्यक्ष नवल पटेल, पार्षद दिलीप गोस्वामी, मुकेश गांधी, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष चंद्रकांत बहारे, प्रमोद करोसिया, गजानन तिवारी, कन्हैया गोस्वामी, मयूर जायसवाल, रज्जू तोमर, धर्मेंद्र मालवीय, नीलेश मलोनिया, नेहा चावरे, सुशील बस्तवार, प्रहलाद आठनेरे समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।











