इटारसी। केसला ब्लॉक के सुखतवा क्षेत्र में इन दिनों इंसान और वन्यजीवों के बीच टकराव की स्थिति निर्मित होती दिख रही है। दौड़ी झुनकर गांव और उसके आसपास के इलाके इन दिनों बाघ की दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं। मंगलवार सुबह गांव के ही एक खेत में बाघ के खुलेआम घूमने की घटना ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। इस घटना के बाद से किसानों ने अकेले खेतों की ओर जाना बंद कर दिया है, जिससे कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
दिनदहाड़े खेत में दिखा जंगल का राजा
ग्रामीणों के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे जब किसान खेतों की ओर जा रहे थे, तभी उनकी नजर वहां मौजूद बाघ पर पड़ी। दिन के उजाले में बाघ को अपने इतने करीब देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए। लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया, जिसके बाद बाघ धीरे-धीरे वापस जंगल की ओर लौट गया। इस पूरी घटना का किसी ग्रामीण ने वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने न केवल दौड़ी झुनकर, बल्कि आसपास के तमाम गांवों में भी दहशत फैला दी है।
क्षेत्र को अपना नया ठिकाना बना रहा है बाघ!
इस घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यह बाघ का कोई इकलौता भटकाव नहीं है। सुखतवा रेंजर सुनीता उइके ने घटना की पुष्टि करते हुए एक चौंकाने वाली जानकारी दी है। उनके मुताबिक, यह बाघ पहले भी इस क्षेत्र में तीन से चार बार देखा जा चुका है। बार-बार एक ही इलाके में बाघ की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि वह इस कृषि क्षेत्र को अपना नया ठिकाना या शिकारगाह मान रहा है।
ग्रामीणों के लिए जारी की गई सख्त एडवायजरी
हालात की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। वन अमले ने इलाके में सुबह और शाम की गश्त तेज कर दी है और बाघ की हर मूवमेंट (गतिविधि) पर पैनी नजर रखी जा रही है।
ग्रामीणों के लिए कड़े सुरक्षा निर्देश
- अकेले न जाएं : किसी भी ग्रामीण को अकेले खेतों या जंगल से लगे रास्तों पर जाने की सख्त मनाही है।
- समूह में निकलें : बेहद जरूरी होने पर समूह (झुंड) में ही बाहर निकलें और साथ में शोर करने वाले उपकरण या लाठी रखें।
- दूरी बनाए रखें : बाघ दिखाई देने पर किसी भी स्थिति में उसके नजदीक जाने, उसका पीछा करने या उसे घेरने का प्रयास न करें, यह जानलेवा हो सकता है।
इनका कहना है…
हमने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है, हमारा प्रयास है कि किसी मानव को कोई नुकसान न हो, आला अधिकारियों से भी हमारी टीम लगातार संपर्क में है और उनके मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं, वाइल्ड लाइफ वालों से भी लगातार संपर्क में हैं।
सुनीता उईके, रेंजर











