23 वर्ष में दो धार्मिक यात्राएं तीसरी बार एक साथ एक ही ट्रेन से निकलीं

23 वर्ष में दो धार्मिक यात्राएं तीसरी बार एक साथ एक ही ट्रेन से निकलीं

– वैष्णोदेवी और अमनाथ दर्शन करने एक ही ट्रेन से निकले यात्री
– दोनों ही धार्मिक जत्थे में करीब आठ सौ तीर्थयात्री शामिल हैं
– कोरोना काल के बाद इस वर्ष बढ़ी है तीर्थयात्रियों की संख्या
इटारसी। ‘जय माता दी’ (‘Jai Mata Di’) तथा जय बाबा बर्फानी, भूखे को अन्न और प्यासे को पानी (Jai Baba Barfani, food to the hungry and water to the thirsty) के जयकारों के साथ आज सुबह यहां रेलवे स्टेशन(Railway Station) से करीब आठ सौ तीर्थयात्रियों का दल माता वैष्णो (Mata Vaishno) और बाबा अमरनाथ (Baba Amarnath) के दर्शन करने ट्रेन से रवाना हुए।
23 वर्षों के इतिहास में यह तीसरा मौका है, जब अमरनाथ यात्री और वैष्णोदेवी यात्री एक साथ एक ही ट्रेन से निकले हैं। वैष्णोदेवी दर्शन के लिए इस वर्ष करीब ढाई सौ यात्री जा रहे हैं, जिसमें दो सौ अभी रवाना हुए हैं और करीब 70 यात्री दूसरी ट्रेन से दोपहर 12 बजे इटारसी (Itarsi) से निकलेंगे। माता वैष्णोदेवी के दर्शन के लिए पांच से छह सौ के बीच यात्री जा रहे हैं। कोरोनाकाल के बाद इस वर्ष यात्रियों की संख्या बढ़ी है और उत्साह भी।

वैष्णोदेवी दर्शन यात्रा

माता वैष्णोदेवी यात्रा के लिए सुबह दुर्गा चौक (Durga Chowk) स्थित माता जी के मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद समिति के सदस्य माता का चित्र लेकर ढोल-ढमाकों के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां सैंकड़ों यात्री इस तीर्थयात्रा में शामिल हुए। यात्रा समिति के संस्थापक सतीश बतरा और संयोजक जतिन बतरा ने बताया कि सुबह मां नर्मदा (Maa Narmada) का पुल पार करने के बाद ट्रेन की बोगी में ही बनाए माता के दरबार में मां की आरती के बाद सभी तीर्थयात्रियों को समिति ने जलपान कराया। दोपहर का भोजन बीना (Bina) रेलवे स्टेशन के बाद, शाम को नाश्ता मथुरा (Mathura) रेलवे स्टेशन और रात का खाना दिल्ली (Delhi) में दिया जाएगा।

बाबा बर्फानी दर्शन यात्रा

अमरनाथ सेवा समिति के तत्वावधान में अमरनाथ के लिए तीर्थयात्री भी आज सुबह ही ट्रेन (Train) से रवाना हुए। इस वर्ष सुबह पहली ट्रेन से करीब दो सौ तीर्थयात्री निकले हैं जबकि दोपहर में 70 यात्री और रवाना होंगे। ये सभी यात्री जम्मू (Jammu) में एकसाथ हो जाएंगे। यहां से श्रीनगर (Srinagar) के लिए यात्रा प्रारंभ होगी। समिति के संस्थापक भारतभूषण लच्छू गांधी ने बताया कि यह यात्रा का 23 वॉ वर्ष है। वैष्णोदेवी यात्रा और अमरनाथ यात्रा इस वर्ष तीसरी बाद एक साथ एक ही तिथि और एक ही ट्रेन में जा रहे हैं।

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AUTHORRohit

I am a Journalist who is working in Narmadanchal.com.

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