इटारसी/केसला। टाइगर के शिकार मामले में जांच कर रहे वन विभाग पर ग्रामीणों से ज्यादती के आरोप लगने लगे हैं। ताजा मामले में ग्राम बारधा निवासी अजय लविस्कर कोरकू पिता भजनलाल लविस्कर, उम्र 42 वर्ष ने वन अधिकारियों पर जबरन हिरासत में लेने, मारपीट करने और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए शिकायती आवेदन केसला पुलिस को दिया है।
अजय लविस्कर कोरकू के अनुसार, यह घटना मंगलवार, 26 अगस्त, 2025 को दोपहर लगभग 3 बजे की है। वे अपने गांव की दुकान में बैठे थे, तभी वन विभाग की एक टीम आई और उनसे टाइगर के बारे में पूछताछ करने के लिए साथ चलने को कहा। अजय ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को जानकारी न होने की बात कही, लेकिन इसके बावजूद उन्हें जबरदस्ती गाड़ी में बिठाकर हिरन चापड़ा कार्यालय ले जाया गया।
पीडि़त ने अपनी शिकायत में आगे बताया कि कार्यालय में उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। वहां तीन अधिकारी वर्दी में और एक अधिकारी सिविल कपड़ों में मौजूद थे। उन्होंने अजय से ‘टाइगर’ के बारे में जानकारी पूछी, जिस पर अजय ने अनभिज्ञता जताई। इस पर अधिकारियों ने अजय को धमकी देते हुए कहा कि तुमने नहीं किया लेकिन तुम्हें पता है किसने किया। जब अजय ने किसी भी जानकारी से इनकार किया, तो अधिकारियों ने कहा कि अगर वह बताता है तो उसे 26,000 रुपए सरकार से दिलवाए जाएंगे और 20,000 रुपए अपनी जेब से देंगे।
अजय के बार-बार विनती करने और जानकारी न होने की बात कहने के बावजूद, अधिकारियों ने उसे डराया-धमकाया और फिर 100 दण्ड बैठक लगाने के लिए कहा। स्वास्थ्य कारणों से जब वे पूरी दण्ड बैठक नहीं लगा पाए, तो अधिकारियों ने अभद्र गालियां देते हुए उनकी बांस के डंडे से बेरहमी से पिटाई की। मारपीट के बाद, शाम लगभग 7:30 बजे वन विभाग की एक जीप उन्हें घर छोडऩे के लिए निकली। दाड़ीवाड़ा रेलवे गेट के पास, उन्हें दूसरी वन विभाग की गाड़ी में बिठा दिया गया, जिसने उन्हें घर तक पहुंचाया।
इस घटना के बाद, अजय लविस्कर कोरकू ने तत्काल 108 एम्बुलेंस बुलाकर शासकीय अस्पताल सुखतवा में अपना इलाज कराया। इलाज के बाद, उन्होंने केसला थाने में पहुंचकर पूरी घटना की विस्तृत जानकारी दी है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है। इस घटना ने ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति गहरा आक्रोश और भय पैदा कर दिया है।
इस मामले में वन विभाग के सूत्रों का कहना है कि शेर का शिकार हुआ है, जांच और पूछताछ की जा रही है। ऐसे में कुछ लोग सहयोग नहीं करके ज्यादती की शिकायत कर रहे हैं जो पूरी तरह से मनगढंत है, वन विभाग शेर का शिकार करने वालों की तलाश में ग्रामीणों से पूछताछ कर रहा है, किसी प्रकार की ज्यादती नहीं की जा रही है।
केसला थाना प्रभारी उमाशंकर यादव ने बताया कि आदिवासियों ने आवेदन दिया था। उन्होंने कहा कि शेर का शिकार हुआ है, वन विभाग जांच कर रहा है, वे अपने स्तर पर कार्रवाई कर रहे हैं, पूछताछ में सख्ती करना जांच का एक हिस्सा है, इसमें पुलिस क्या करेगी? युवक ने पुलिस के सामने मारपीट से भी इनकार किया है।








