इटारसी। वन अमला (forest staff) मानो ड्यूटी के प्रति उदासीन हो गया है, यही कारण है कि जंगलों में पेड़ कटना पुन: प्रारंभ हो गया है। वन सर्किल जमानी में अवैध कटाई (illegal harvesting) फिर से प्रारंभ हो गयी है। जंगलों में वन माफिया के हौंसले इस कदर बुलंद हैं कि आरामशीन से हरे-भरे वृक्षों को काटकर ले जाया जा रहा है। यदि वन अमला सक्रिय होता तो कटाई होना संभव नहीं होता। जिस कदर कटाई हो रही है, उससे वन अमले की मौन सहमति की आशंका लग रही है।
जंगल में हो रही इस कटाई को रोकने वन अमला तो रुचि नहीं दिखा रहा अलबत्ता जंगलों के मूलनिवासी आदिवासी चिंतित हैं। आज आदिवासी सेवा समिति तिलकसिंदूर के अध्यक्ष और वन समिति के विनोद वारीवा ने डीएफओ के नाम एक शिकायती आवेदन जिला पंचायत सीईओ मनोज सरियाम को दिया है। इन आदिवासियों ने बताया कि यह पिछले 1 वर्ष से वन जमानी सर्किल के बीड गार्ड विनोद यादव एवं अशोक राजपूत दोनों ही अवैध रूप से जंगल की कटाई करा रहे हैं। इनके आवेदन पहले भी कलेक्टर को दे चुके हैं लेकिन अभी तक कार्यवाही नहीं हुई और ना ही कोई नई जांच की टीम पहुंची।

वन परिक्षेत्र इटारसी जयदीप शर्मा (Forest Park Itarsi Jaideep Sharma) रुचि नहीं ले रहे हैं, इससे प्रतीत होता है कि उनकी मिलीभगत से 2 बीट गार्ड अवैध रूप से लकड़ी कटाई करा रहे हैं। डीएफओ नहीं होने के कारण यह ज्ञापन जिला पंचायत सीईओ मनोज सरेआम को दिया है। सीईओ जिला पंचायत ने आश्वासन दिया है कि बहुत जल्दी आवेदन डीएफओ को भेजकर जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। श्री वारीवा का कहना है कि यदि है वीट गार्ड, जमानी सर्किल में रहेंगे, तो जंगल को बर्बाद कर देंगे। हालांकि इन दोनों गार्ड ने मिलकर, वृक्षारोपण इमली पानी वीट आरएस 160/161 में भारी भ्रष्टाचार किया है। अभी तक जांच नहीं हुई है। आदिवासियों ने इन वीट गार्ड को हटाने की मांग की है, क्योंकि यह 4 वर्षों से जमानी सर्किल पर जमे हुए हैं।












