नि:शुल्क पैरवी कर पाक्सो एक्ट में दोषमुक्त कराया

नि:शुल्क पैरवी कर पाक्सो एक्ट में दोषमुक्त कराया

इटारसी। पाक्सो एक्ट (Paxo Act)के एक आरोपी को न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है। मामला गाडरवारा (Gadarwara) निवासी एक युवती के साथ उसी के शहर के एक आरोपी द्वारा दुष्कर्म करने का था। आरोपी के वकील संतोष गुरयानी (Santosh Gurayani) ने कोर्ट (Court)में आरोपी के पक्ष में तर्क पेश किये, जिनसे सहमत होते हुए कोर्ट ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
मामला इस प्रकार है, कि गाडरवारा निवासी एक युवती अपने गांव से किसी ट्रेन से गलती से इटारसी (Itarsi)आ पहुंची। यहां उसे गाडरवारा निवासी आरोपी मिला जिसने उसे गुजरात (Gujarat) चलने का लालच दिया। उसने रेलवे स्टेशन (railway station)पर एक खाली ट्रेन में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी भी दी। जब युवती वापस रेलवे स्टेशन पर आयी तो उसने आरपीएफ (RPF)के एक इंस्पेक्टर को घटना बतायी जहां से दोनों को जीआरपी (GRP)के हवाले किया। जीआरपी ने पाक्सो एक्ट की धारा 3 एवं 4 आईपीसी की धारा 376,506 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया।
जीआरपी ने अपराध कायम कर चालान कोर्ट में पेश किया। आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल होशंगाबाद (District Jail Hoshangabad) भेजा गया और फिर बाद में कोरोना काल (Corona period)में भोपाल (Bhopal)रेफर हुआ। न्यायालय में अभियोजन कार्यवाही में पीडि़ता के पालक, स्कूल का रिकार्ड, पुलिस, चिकित्सक और फॉरेंसिक एक्सपर्ट (forensic expert)के कथन दर्ज किये। पीडि़ता का देहांत होने से उसका बयान नहीं हो सके। मामला परिस्थिति जन्य साक्ष्य के आधार पर चला। आरोपी के अधिवक्ता संतोष गुरयानी ने बचाव किया और पटल पर आए साक्ष्य सबूतों के बाद अपने तर्कों से न्यायालय को अवगत कराया। न्यायाधीश द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सविता जडिय़ा (Savita Jadiya) ने आरोपी के अधिवक्ता संतोष गुरयानी के तर्कों से सहमत होते हुए सभी धाराओं से शंका का लाभ देकर और डीएनए रिपोर्ट (DNA report)में भी भिन्नता पाये जाने पर दोषमुक्त घोषित किया। विदित हो संतोष गुरयानी वरिष्ठ अभिभाषक ने पूरा मामले में आरोपी की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से नि:शुल्क पैरवी की।

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Narmadanchal

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