इटारसी। रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में भटकने वाले बेघर, बेसहारा और अपनों से बिछड़े लोगों के लिए जीआरपी इटारसी एक “हमदर्द” बनकर सामने आई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल, भोपाल राजाबाबू सिंह द्वारा प्रदेश स्तर पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन हमदर्द’ के तहत जीआरपी ने जमीन पर उतरकर संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है।
पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल श्रीमती नीतू सिंह डावर एवं उप पुलिस अधीक्षक रेल इटारसी महेंद्रसिंह कुल्हारा के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान ने सफलतापूर्वक अपना एक सप्ताह पूरा कर लिया है, जिसमें अब तक 70 जरूरतमंदों की मदद की जा चुकी है।
भीड़ में बिछड़े थे दो मासूम भाई, चंद घंटों में मामा को ढूंढा
अभियान के दौरान 6 जुलाई को इटारसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4/5 पर पुलिस टीम को 10 और 8 साल के दो मासूम भाई डरे-सहमे और रोते हुए मिले. जीआरपी की टीम ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए बच्चों को अपने संरक्षण में लिया, उन्हें पानी-बिस्कुट खिलाकर शांत कराया और पूछताछ की.बच्चों ने बताया कि वे अपने मामा के साथ यात्रा कर रहे थे, लेकिन स्टेशन की भारी भीड़ के कारण वे उनसे अलग हो गए। इसके बाद थाना प्रभारी संजय चौकसे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए स्टेशन परिसर के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला और लगातार अनाउंसमेंट करवाई।
पुलिस की इस त्वरित सक्रियता का नतीजा यह रहा कि महज कुछ ही घंटों में बच्चों के मामा मनोज कौरकू निवासी छनेरा को ढूंढ निकाला गया। कागजी कार्रवाई पूरी कर जब बच्चों को उनके मामा के सुपुर्द किया गया, तो परिजनों और बच्चों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए. पुलिस के इस पुनीत कार्य की क्षेत्र के प्रबुद्ध वर्ग ने जमकर सराहना की है।
बुजुर्गों और मानसिक रूप से कमजोर लोगों को भेजा वृद्धाश्रम
इस अभियान के तहत केवल इटारसी ही नहीं, बल्कि नर्मदापुरम और हरदा रेलवे स्टेशनों के आसपास भटकने वाले 70 असहाय, मानसिक रूप से कमजोर और भटके हुए व्यक्तियों की मदद की गई. इनमें से कई लोगों की उचित काउंसलिंग कर उन्हें वापस उनके परिवारों तक पहुंचाया गया, जबकि जो पूरी तरह बेसहारा थे, उन्हें बेहतर देखरेख और इलाज के लिए स्थानीय वृद्धाश्रमों में आश्रय दिलाया गया है।
लगातार जारी रहेगा अभियान
रेलवे पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने बताया कि ‘ऑपरेशन हमदर्द’ के पहले हफ्ते में मिले सकारात्मक और भावुक परिणामों से पुलिस टीम का मनोबल काफी बढ़ा है. यह अभियान आगे भी इसी तरह पूरी संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ जारी रहेगा ताकि कोई भी बेसहारा व्यक्ति अपनों से दूर न रहे और उन्हें समय पर मदद मिल सके।
इस पूरे अभियान को सफल बनाने में जीआरपी इटारसी के थाना प्रभारी निरीक्षक संजय चौकसे के साथ उप निरीक्षक कमलेश रघुवंशी, सउनि दिनेश चंद, सउनि माखनलाल कीर, सउनि अनीता दास, प्रआर कैलाश यादव, दिलीप सेन, सुरेश कुमार, हरी सिंह, अरविंद भदौरिया, तुलसीराम, अनुपम शर्मा और आरक्षक शीतल ठाकुर, बबलू, विजय सिंह, राजेंद्र, रामशंकर, अमित कुशवाह, निखलेश मण्डल, महिला आरक्षक संगीता धुर्वे एवं स्वाति की मुख्य और सक्रिय भूमिका रही.










