सिवनी मालवा। सड़कों पर बैठे बेसहारा गोवंश और उनके कारण आए दिन होने वाले दर्दनाक सड़क हादसों को रोकने के लिए सिवनी मालवा में जनसहभागिता और प्रशासन की एक ऐसी ऐतिहासिक पहल देखने को मिली है, जिसने पूरे प्रदेश के सामने मानवता की मिसाल पेश की है।
समाजसेवी संतोष पारीख और एसडीएम विजय राय के नेतृत्व में निकाली गई 40 किलोमीटर लंबी ‘गौमाता चातुर्मास यात्रा’ 18 घंटे के कड़े परिश्रम के बाद देर रात सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अनूठे अभियान के जरिए 2400 निराश्रित गोवंश को सुरक्षित रूप से ग्राम बांदर खो स्थित आचार्य विद्यासागर दयोदय गौशाला पहुंचाया गया।
10 दिन की रणनीति और 18 घंटे का पैदल सफर

बारिश के दिनों में हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर गोवंश के बैठने से रोजाना औसतन 10 गायें और 5 राहगीर हादसों का शिकार होकर घायल हो रहे थे। तहसील की सभी 10 शासकीय गौशालाएं पहले से ही फुल थीं। इस बड़ी चुनौती से निपटने के लिए समाजसेवी संतोष पारीख और एसडीएम विजय राय ने कुसुम महाविद्यालय में कोटवारों, सचिवों, सरपंचों और समाजसेवियों की बैठक बुलाकर 10 दिनों तक गांव-गांव जाकर रणनीति तैयार की। शुक्रवार सुबह 6 बजे ग्राम हिरनखेड़ा के पवित्र तालाब से इस यात्रा का आगाज हुआ। एसडीएम विजय राय, समाजसेवी संतोष पारीख, प्रवीण पाणिकर, दीपक पालीवाल, राजा तिवारी और अक्षत राजपूत सुबह 5 बजे से लेकर देर रात 12 बजे तक, पूरे 18 घंटे लगातार बिना रुके गोवंश के साथ पैदल चले और रास्ते की हर बाधा को दूर किया।
भावुक कर देने वाला पल
यात्रा के दौरान एक गाय थकान की वजह से अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ी। एसडीएम विजय राय और संतोष पारीख ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए सुरक्षा घेरा बनाया और प्राथमिक उपचार कराया। कुछ ही देर में जब गाय दोबारा खड़ी हुई और अपने झुंड में शामिल हुई, तो सभी की आंखें खुशी से नम हो गईं।
अब हादसों पर लगेगी पूर्ण लगाम
पिछले वर्ष युवा पत्रकार राजा तिवारी ने गोवंश के गले में रेडियम बेल्ट बांधकर हादसों को रोकने का सराहनीय प्रयास किया था, लेकिन इस बार शासन-प्रशासन और समाजसेवियों ने मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान खोज निकाला है। रात 12 बजे जब 2400 गोवंश सुरक्षित रूप से 5000 की क्षमता वाली दयोदय गौशाला पहुंचे, तो सभी ने राहत की सांस ली। अब सड़कों पर होने वाले हादसों पर पूरी तरह लगाम लग सकेगी।
इस महा-अभियान के सूत्रधार
ऐतिहासिक कार्य को सफल बनाने में समाजसेवी संतोष पारीख, अनुविभागीय दंडाधिकारी विजय राय, तहसीलदार नितिन जोड़, नायब तहसीलदार आलोक भद्र व कीर्ति प्रधान, जनपद सीईओ श्रुति सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष रितेश जैन, सीएमओ अमर सिंह उइके की प्रशासनिक सजगता सराहनीय रही। साथ ही, धरातल पर मुस्तैदी से डटे रहने वाले समाजसेवी दीपक पालीवाल, प्रवीण पाणिकर, युवा पत्रकार राजा तिवारी, अक्षत राजपूत, प्रवीण अवस्थी, ईश्वरदास जमींदार, नरेश जायसवाल, तुषार लोवंशी, अतुल बकोरिया, कान्हा शर्मा, कमलेश लोवंशी, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन पालीवाल व डॉ. उत्कर्ष भारद्वाज सहित पूरे पुलिस प्रशासन, राजस्व अमले, ग्राम सचिवों, रोजगार सहायकों, कोटवारों और गौसेवकों ने इस अभियान में अपना अमूल्य और ऐतिहासिक योगदान दिया।










